नई दिल्ली: मोदी सरकार द्वारा लाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में 30 दिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के आंदोलन को आज एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन किसानों और सरकार के बीच गतिरोध अब भी बरकरार है।। हालांकि, सरकार ने एक बार फिर किसानों को चिट्ठी लिखकर वार्ता के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन वार्ता से पहले तीनों कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं।
-दिल्ली-यूपी बाॅर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बाॅर्डर पर सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
-कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "हमें यहां बैठे हुए क़रीब एक महीना हो गया है, हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे हम यहीं पर बैठेंगे।
-कुंडली गाजियाबाद पलवल हाईवे स्थित मौजपुर टोल पर फरीदाबाद पुलिस ने दो अलग-अलग समूह में 12 किसानों को हिरासत में लिया है। अन्य जगहों पर पुलिस की तैनाती बरकरार है। हालांकि किसानों की ओर से अभी तक कोई हलचल इन टोल पर नजर नहीं आई है।
-सयुंक्त किसान मोर्चा ने आज सांसदों के आवास पर ज्ञापन देने के कार्यक्रम में बदलाव किया है। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि अभी प्रदेश संगठन ने फैसला लिया है कि आज सांसद और मंत्री को चिट्ठी लिखी जाएगी। उसके बाद अगले चरण में ज्ञापन सौपेंगे। जबकि आज हरियाणा में सांसद और मंत्रियों के आवास पर ज्ञापन दिया जाएगा।