नई दिल्ली: कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के आंदोलन को आज एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन किसानों और सरकार के बीच गतिरोध अब भी बरकरार है।इस बीच दिल्ली के महरौली में 'किसान सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कृषि कानूनों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,'' इन कानूनों को एक या दो साल के लिए लागू किया जाए। इसके बाद अगर आपको लगता है कि ये कानून किसानों के पक्ष में नहीं हैं, तो मुझे यकीन है कि मुझे हमारे पीएम की मंशा पता है, हम इसमें सभी आवश्यक संशोधन करेंगे।
दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के लिए तीन क़ानून बनाए गए हैं। लेकिन आज कुछ लोगों के द्वारा गलतफहमी पैदा की जा रही है कि MSP खत्म कर दी जाएगी। मैं किसानों को वचन दे रहा हूं कि किसी भी कीमत पर MSP खत्म नहीं होगी| इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं अटल बिहारी जी के साथ चौधरी चरण सिंह जी को भी याद करना चाहूंगा, वे किसानों के सर्वमान्य नेता थे। चौधरी चरण सिंह जी को कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ने बार-बार धोखा दिया, जब वे UP के CM थे तो उस समय भी उनकी सरकार को गिराने का काम इन्ही दोनों पार्टियों ने किया।
उल्लेखनीय है कि,''कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है। किसानों ने आज से अपने आंदोलन को तेज करने का एलान किया है। इसके तहत आज से हरियाणा के सभी टोल फ्री किए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने एक बार फिर किसानों को चिट्ठी लिखकर वार्ता के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन वार्ता से पहले तीनों कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को 6 राज्यों के किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस बीच उन्होंने कृषि कानून के समर्थन में आए किसानों के बारे में भी जानकारी दी, जिसका यूपी गेट पर किसानों ने खुलकर विरोध किया, इस बीच किसानों ने प्रधानमंत्री के दावे को झूठा बताया| वहीँ कुंडली गाजियाबाद पलवल हाईवे स्थित मौजपुर टोल पर फरीदाबाद पुलिस ने दो अलग-अलग समूह में 12 किसानों को हिरासत में लिया है। अन्य जगहों पर पुलिस की तैनाती बरकरार है। हालांकि किसानों की ओर से अभी तक कोई हलचल इन टोल पर नजर नहीं आई है।