नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी है। दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है.. रात का पारा 5 डिग्री से भी नीचे लुढ़क चुका है लेकिन दिल्ली के बॉर्डर पर धरने पर बैठे हजारों किसानों के हौसले परवान पर हैं|सरकार कुछ संशोधन पर अडिग है तो किसान कृषि कानूनों को वापस कराने की मांग पर अड़े हैं।
-सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने की मांग वाली याचिकाओं में आठ किसान यूनियनों के निहितार्थ की अनुमति दी।मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम की खंडपीठ ने किसानों का संगठन बनाने की अनुमति दी। कल इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी।
-किसान आंदोलन बुधवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच एक 65 वर्षीय किसान ने सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आत्महत्या कर ली।पीड़ित की पहचान हरियाणा के करनाल जिले के सिंघरा गांव के बाबा राम सिंह के रूप में हुई है, किसान ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
देश का किसान आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है। नए कृषि क़ानूनों से देश के किसानों को आत्मनिर्भरता मिलेगी और देश आत्मनिर्भर होगा। स्वामीनाथन आयोग में जो सिफारिशें दी गई थी वे सब सिफारिशें इस क़ानून में शामिल हैं: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी
-भले ही राज्य अपने कानून बदल दें लेकिन वैश्विक बाजार में जाने के लिए अंतर्राज्यीय आवाजाही आवश्यक है। क्या हम नहीं चाहते कि हमारे किसानों की उपज वैश्विक मंडी में जाए, ये कृषि कानून इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं: धर्मेंद्र प्रधान
-पंजाब के किसानों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ आप जैसे किसान नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों का समर्थन करने के लिए इकट्ठा हुए। मैं आप सब का स्वागत और अभिनंदन करना चाहता हूं|स्वामीनाथन कमेटी ने कहा कि किसान की लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर MSP घोषित होना चाहिए। स्वामीनाथन कमेटी ने अपनी सिफारिशें 2006 में UPA सरकार को पेश की परन्तु निर्णय नहीं लिया गया। लेकिन मोदी सरकार ने लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर MSP घोषित करने का काम किया: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ग्वालियर किसान सम्मेलन में
-यहां पर AAP की तरफ से लोगों को लंगर की सेवा दी जा रही है। AAP के जो भी वलंटियर्स हैं वो रोजाना यहां सेवादार के रूप में काम करते हैं। AAP पूरी तरह से किसानों के समर्थन में है। Farm Laws का समाधान केंद्र के पास है, वो अपनी जिद छोड़े: सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पर्यावरण मंत्री गोपाल राय
-सरकार अगर चाहती तो किसानों के साथ बैठकर आधे घंटे में यह मसला खत्म कर सकती है। प्रधानमंत्री जी खुद हस्तक्षेप करेंगे तो यह पांच मिनट में हल हो जाएगा। मोदी जी इतने बड़े नेता हैं उनकी बात सब लोग मानेंगे। आप (PM) खुद बात कीजिए, देखिए क्या चमत्कार होता है: संजय राउत, शिवसेना नेता
-सिंघु बॉर्डर: कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए पेट्रोल पंप को टेंट सिटी में बदला गया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमारी कंडीशन देख कर फाउंडेशन वालों ने ये टेंट लगवाए। इनमें अब ठंड नहीं लगती। इसके लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता। इसका सारा रख रखाव यही करते हैं।"
-BKU (भानु) के लोगों ने आज फिर से चिल्ला बॉर्डर (नोएडा से दिल्ली जाने के रास्ते) को ब्लॉक कर दिया है। इनकी मांग है कि जंतर-मंतर पर जाकर प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली पुलिस ने तुरंत बैरिकेड लगा दिया है। हमलोग बातचीत कर रहे हैं और इनको समझा रहे हैं: राजेश सिंह DCP नोएडा
-"सजिशी सुपारी का संदूक, किसानों के कंधे पर बंदूक।" इन साजिशी सुपारी को कोई सरकार देश के सभी तबकों के हित में बिना रुके-थके काम करे, ये बात हज़म नहीं होती इसलिए वो साजिशी सुपारी लेकर लोगों के बीच भय और भ्रम का माहौल पैदा करते रहते हैं: केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
-मेरी चार दिन से भूख हड़ताल चल रही है। हम यहां शांतिपूर्वक बैठे थे लेकिन हमारे लोगों को DND पर रोका जा रहा है इसलिए अभी रोड ब्लॉक करेंगे। जब तक सारे लोग नहीं आ जाते हम किसी को नहीं जाने देंगे: चिल्ला बॉर्डर से योगेश प्रताप सिंह प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (भानु)
-ऐसा कुछ नहीं है इन्हें कोई कन्फ्यूज़न था जो दूर कर दिया गया है। किसान शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। दोनों तरफ से ट्रैफिक की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। संगठन के लोग यहां आते-जाते रहते हैं। उनके नेतृत्व से बात करने के बाद चीजें मैनेज हो जाती हैं: रणविजय सिंह ADCP नोएडा
-नोएडा: कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली की तरफ जा रहे नोएडा लिंक रोड को ब्लॉक किया।
-नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सपा के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं। सपा अध्यक्ष ने एक ट्वीट में कहा 'भाजपा सरकार ने सपा के कार्यकर्ताओं को ही जेल नहीं भेजा है बल्कि किसानों की ही गिरफ्तारी की है क्योंकि सपा के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं। सपा के इस संघर्ष में किसान, मजदूर, महिला, युवा, छोटे व्यापारी, दुकानदार, कारोबारी साथ हैं क्योंकि कृषि कानून का असर सब पर पड़ रहा है।' गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता किसानों के आंदोलन के समर्थन में पूरे प्रदेश में आंदोलन कर रहे है। खुद सपा प्रमुख अखिलेश भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरकर गिरफ्तारी दे चुके हैं।
-दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर पंजाब के कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन जारी। कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने कहा, "हमारा यहां आज दसवां दिन है। राहुल जी ने कहा है जिस दिन कांग्रेस की सरकार बनेगी कैबिनेट की पहली ही बैठक में ये कानून खत्म कर दिए जाएंगे।"
-किसान कानूनों के विरोध के लिए यूपी की अलग-अलग जगहों से आए पूर्व सैनिक गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। पूर्व सैनिक संगठन से सूबेदार रहे जे.पी. मिश्रा ने बताया, "ओडिशा से भी और लोग आज आ रहे हैं। साढ़े 10 बजे तक लगभग 200 लोग आ जाएंगे। किसानों के साथ अब संत और सैनिक समाज दोनों खड़े हैं। "
-20 को ‘शहीद’ किसानों को देंगे श्रद्धांजलि: किसान नेता ऋषिपाल ने कहा, जब से आंदोलन शुरू हुआ है हर दिन औसत एक किसान भाई की जान जा रही है। अब तक 20 किसान इस आंदोलन में शहीद हुए हैं। हम सब इन किसानों के सम्मान में 20 दिसंबर को श्रद्धांजलि दिवस के तौर पर मनाएंगे और देश भर के गांवों और तहसील मुख्यालयों पर 20 दिसंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक श्रद्धांजलि दी जाएगी।
-चिल्ला बॉर्डर जाम करने का एलान: केंद्र के तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ 21 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने मंगलवार को सख्त संदेश दिया कि वह किसी भी हाल में सरकार को तीनों कानून वापस लेने पर मजबूर करेंगे। किसान आज चिल्ला बॉर्डर जाम करेंगे और आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।