नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों (Farm Bills) के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 43वां दिन है। हड्डियां गला देने वाली ठंड और बारिश के बीच डटे किसान किसी कीमत पर अपनी मांगें बिना मनवाए वापस जाने के मूड में नहीं हैं।
सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए आज 40 किसान संग नेठनों ट्रैक्टर मार्च निकालकर दिल्ली को घेर लिया है। इस मार्च में हजारों किसानों ने शिरकत की है। उनका कहना है कि ये गणतंत्र दिवस की रिहर्सल है। किसानों के इस मार्च को देखते हुए दिल्ली के बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
Farmers Tractor Rally live update:
आज हमारे किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर ट्रेनिंग ली ताकि 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर रैली की परेड निकाली जा सके। 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर और टैंक एकसाथ चलेंगे। ट्रैक्टर 2 लाइन में चलेंगे और टैंक एक लाइन में चलेगा: राकेश टिकैत,भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता
सरकार अगर सोचती है किसान आंदोलन को थाका कर ख़त्म कर दिया जाएगा तो मैं समझता हूं कि यह गलतफहमी उन्हें नहीं पालनी चाहिए। मुझे डर है कि अगर किसान आंदोलन का हल नहीं किया गया तो आनेवाले दिनों में क्या होगा कल्पना से परे है: मनोज झा, RJD
-दिल्ली: नए कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने आज महामाया फ्लाईओवर से चिल्ला बॉर्डर तक ट्रैक्टर मार्च निकाला।
हरियाणा: 26 जनवरी को किसानों की परेड मार्च में भाग लेने के लिए जींद में एक महिला ट्रैक्टर चलाना सीख रही है। महिला ने कहा, "26 जनवरी को दिल्ली पहुंचेंगे। अगर सरकार नहीं मानेगी तो ट्रैक्टर-ट्राली लेकर परेड करेंगे, जिसके लिए हम ट्रेनिंग ले रहे हैं। हम बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे।"
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम किसान मई 2024 तक आंदोलन के लिए तैयार हैं। जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानेगी तब तक हम यहां आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आज एक आयोजन के दौरान कहा कि, आजादी के बाद आरएसएस और जनसंघ की सोच निजीकरण की थी। जनसंघ ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण का विरोध किया था। ये इतिहास है, मेरी सोच नहीं है। जब कोयले के खादानों का राष्ट्रीयकरण किया तो जनसंघ ने इसका विरोध किया। ये इनकी सोच थी। तीन कानून हमारे कृषि क्षेत्र का निजीकरण करना है।
-दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुराड़ी में ट्रैक्टर रैली निकाली।
-कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने हरियाणा के पलवल से ट्रैक्टर रैली निकाली। किसान पलवल से सिंघु बॉर्डर की ओर बढ़ते हुए।
-ट्रैक्टर रैली में 144 ट्रैक्टर और 44 कार व 30 बाइक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से पलवल की ओर जा रहे हैं।
जिस तरह कम्यूनिस्ट लोग राजनीति के लिए आग में घी डाल रहे हैं। वे नहीं चाहते कि देश में शांति हो। मैं किसान यूनियन के भाईयों से कहना चाहता हूं कि शांति बनाए रखें। सरकार वार्ता के लिए हमेशा तैयार है। कल की तारीख भी तय है। कल निश्चित रूप से समाधान निकलेगा: केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी
-डीएमके नेता एमके स्टालिन ने किसाानों के समर्थन में ट्वीट करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा| उन्होंने कहा कि जब आप करोड़ों रुपये खर्च करके नई संसद बना सकते हैं, तो किसानों का कर्ज क्यों नहीं माफ कर सकते हैं?
-हरियाणा: कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पलवल में ट्रैक्टर रैली निकाली।
दिल्ली: बुराड़ी में किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उत्तर-पश्चिम की DCP ने बताया, "हमारी टीम तैनात है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। हम किसान संगठनों से भी बात कर रहे हैं कि अब तक जैसे उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया वैसे आगे भी करते रहें।"
-कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गाज़ीपुर बॉर्डर पर ट्रैक्टर रैली निकाली|
जिला गाजियाबाद के एडीएम (सिटी), शैलेंद्र कुमार सिंह ने किसान मार्च के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, यहां की गाड़ियां नोएडा जाकर वहां से गाज़ीपुर बॉर्डर वापस आएंगी। हमारी तरफ से पूरी व्यवस्था की गई है। हम सभी चीज़ो का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं और हम लगातार इनके संपर्क में है|
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 43वें दिन भी जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "जब तक कानून रद्द नहीं होगा तब तक हम यहां बैठे रहेंगे।"
-हरियाणा: नूंह में किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए कुंडली-मानेसर-पलवल टोल प्लाज़ा (KMP) पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सब इंसपेक्टर ने बताया, "प्रशासन ने पूरा प्रबंध किया है। किसान रैली का कोई भी ट्रैक्टर KMP पर नहीं चढ़ने दिया जाएगा, टोल पर ही रोक लिया जाएगा।
कृषि कानूनों के खिलाफ बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। फरीदकोट (पंजाब)के ज़िला प्रधान बिंदर सिंह गोले वाला ने बताया,"आज 11 बजे हम अपना ट्रैक्टर मार्च शुरू करेंगे। हम यहां से टिकरी बॉर्डर तक जाएंगे। हमारा ये मार्च 26 जनवरी के लिए तैयारी है।"
-किसानों के ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए केजीपी-केएमपी के पास तीन हजार से अधिक ट्रैक्टर लेकर किसान एकत्रित हुए जिसके बाद यहां से किसानों का मार्च शुरू हो चुका है। पंजाब के साथ ही हरियाणा से भी हजारों किसान ट्रैक्टर लेकर केएमपी-केजीपी गोलचक्र से निकल चुके हैं।
गाज़ीपुर बॉर्डर से किसानों ने ट्रैक्टर रैली शुरू की। किसान आज पूर्वी और पश्चिमी पेरीफेरल एक्सप्रेसवे समेत दिल्ली की चार बॉर्डर पर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे: राकेश टिकैत,भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता
ट्रैक्टर रैली 26 जनवरी की तैयारी है। हमारा रूट यहां से डासना है उसके बाद अलीगढ़ रोड पर हम रुकेंगे वहां लंगर होगा फिर वहां से हम वापस आएंगे और नोएडा वाले ट्रैक्टर पलवल तक जाएंगे।हम सरकार को समझाने के लिए ये कर रहे हैं: राकेश टिकैत,भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता
-किसान ट्रैक्टर मार्च के चलते पलवल के मौजपुर केएमपी पर आरएएफ फोर्स तैनात की गई है। यहां पर तीन थानों की पुलिस बल भी तैनात की गई है। इनका नेतृत्व एसीपी तिगांव कर रहे हैं, जिसमें महिला फोर्स भी शामिल है। जानकारी के अनुसार फरीदाबाद से करीब 60-70 ट्रैक्टर और पलवल से 250-300 ट्रैक्टर इस मार्च में शामिल हो सकते हैं।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों के ट???रैक्टर मार्च को देखते हुए बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
तीन कृषि कानून और न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर सरकार से नौवें दौर की वार्ता से ठीक एक दिन पहले आज किसानों ने यूपी गेट से ट्रैक्टर मार्च निकाला है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान यूपी गेट से सुबह करीब 10:00 बजे ट्रैक्टर पर तिरंगा और भाकियू का झंडा लगाकर रवाना हुए हैं। ट्रैक्टर मार्च में कई किसान अपनी गाड़ियों से भी शामिल हुए हैं। मार्च में 119 ट्रैक्टर, 15 कार और एक बाइक से करीब 500 किसान शामिल हुए हैं। किसानों का ट्रैक्टर मार्च दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से इंदिरापुरम गौर एवेन्यू कट, नोएडा सेक्टर 62, छिजारसी हिंडन नहर पुल होते हुए विजयनगर को पार करते हुए डासना की तरफ बढ़ रहा है। किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान नोएडा सेक्टर 62, छिजारसी नहर पुल और विजय नगर बाईपास से लाल कुआं के बीच वाहनों से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। डीएम और एसएसपी समेत पुलिस व प्रशासन के तमाम अधिकारी मार्च के दौरान मौजूद हैं।
-कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 43वें भी जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया,"आज हम लोग ट्रैक्टर रैली करने वाले हैं हमारा रूट यहां से टिकरी बॉर्डर उसके बाद वहां से गाज़ीपुर बॉर्डर रहेगा। हम अपना हक लेकर ही जाएंगे।"
-किसान नेता प्रेम सिंह का कहना है कि खराब मौसम के पूर्वानुमान की वजह से ट्रैक्टर मार्च एक दिन के बढ़ाया गया। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से भारी संख्या में ट्रैक्टर रवाना होंगे। 30 को हुई बातचीत में सरकार का रुख सकारात्मक दिखा तो किसानों की उम्मीदें जगी थीं। बाद में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की बजाय इसे अच्छा बताया गया और दोबारा विचार करने की बात कही गई, किसानों के पास अच्छा है और आप सोच ले, कानूनों को रद्द करने के अलावा कोई बात नहीं हो सकती हैं।
-किसान आज सुबह 10.00 बजे से केएमपी पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। सिंघु, टीकरी, गाजीपुर और पलवल से करीब 4500 हजार ट्रैक्टर मार्च के लिए किसानों के साथ रवाना होंगे। विरोध मार्च की तैयारियों में पूरे दिन सभी किसान संगठनों के साथ समूहों में बैठकों का दौर जारी रहा। 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड का किसान, इसे रिहर्सल बता रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा), पंजाब के प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च के जरिये दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान सरकार के रवैये के खिलाफ अपना विरोध जताएंगे। करीब 2000 ट्रैक्टर सिंघु से टीकरी की तरफ जबकि टीकरी से करीब एक हजार ट्रैक्टर रवाना होंगे। बीच में एक जगह पर इकट्ठा होने के बाद केएमपी पर मार्च के लिए कूच करेंगे। इसी तरह गाजीपुर से पलवल से भी करीब 1500 ट्रैक्टर के साथ किसान, मार्च के लिए कूच करेंगे।