नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के 'GNA का DNA 'Modi-fied' वाले बयान पर पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि,' जयराम रमेश अपना DNA चेक करवाएं कि कहां के हैं और किस पार्टी से हैं, वह देखें कि उनका DNA किस-किस पार्टी में रहा है| गौरतलब है , कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने 26 अगस्त, 2022 को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा देते हुए पार्टी नेतृत्व पर बड़ा हमला बोला था|
कांग्रेस ने गुलाम नबी आजाद द्वारा पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने पर शुक्रवार को पलटवार किया था। कांग्रेस पार्टी ने उनके इस्तीफे को उनके राज्यसभा कार्यकाल के अंत से जोड़ा और आरोप लगाया कि उनके विश्वासघात से उनके असली चरित्र का पता चलता है और गुलाम नबी आजाद का डीएनए 'मोडी-फाइड' है।
आज, सोमवार (29 अगस्त को) को गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, पहले वे (जयराम रमेश) अपना DNA चेक करवाएं कि कहां के हैं और किस पार्टी से हैं, वह देखें कि उनका DNA किस-किस पार्टी में रहा है। बाहर के लोगों को कांग्रेस का अता-पता नहीं है। चापलूसी और ट्विट कर जिन्हें पद मिले अगर वे आरोप लगाएं तो हमें दुख होता है|
GNA का DNA हुआ 'Modi-fied': कांग्रेस का Ghulam Nabi Azad पर पलटवार
शुक्रवार, 26 अगस्त को कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि, जिस व्यक्ति को कांग्रेस नेतृत्व ने सबसे ज़्यादा सम्मान दिया, उसी व्यक्ति ने कांग्रेस नेतृत्व पर व्यक्तिगत आक्रमण करके अपने असली चरित्र को दर्शाया है। पहले संसद में मोदी के आंसू, फिर पद्म विभूषण, फिर मकान का एक्सटेंशन… यह संयोग नहीं सहयोग है !
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था, एक व्यक्ति जिसके साथ कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सबसे अधिक सम्मान के साथ व्यवहार किया गया है, उसने अपने शातिर व्यक्तिगत हमलों से धोखा दिया है जो उसके असली चरित्र को उजागर करता है। जीएनए (गुलाम नबी आजाद) का डीएनए 'मोडी-फाइड' है।
दुख की बात है कि..: आजाद के इस्तीफा पर अजय माकन
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफा देने पर कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा था कि,' हमने (गुलाम नबी) आजाद साहब का (इस्तीफे का) पत्र देखा। दुख की बात है कि उन्होंने ऐसे समय में कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया जब कांग्रेस देश भर में बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, ध्रुवीकरण की लड़ाई लड़ने जा रही है। दुख की बात है कि वे इस लड़ाई में हिस्सा नहीं बन रहे|