मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है सरकार, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल भी जुड़े नहीं हैं: संयुक्त किसान मोर्चा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है| किसानों को विरोध प्रदर्शन करते हुए आज 28 दिन हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता युद्धवीर सिंह ने कहा…

तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है सरकार, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल भी जुड़े नहीं हैं: संयुक्त किसान मोर्चा
तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है सरकार, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल भी जुड़े नहीं हैं: संयुक्त किसान मोर्चा | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है| किसानों को विरोध प्रदर्शन करते हुए आज 28 दिन हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार बातचीत की इस प्रक्रिया को अंजाम दे रही है उससे यह स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे में देरी कर के विरोध करने वाले किसानों का मनोबल तोड़ना चाहती है। सरकार हमारे मुद्दों को हल्के में ले रही है, मैं उन्हें इस मामले का संज्ञान लेने और जल्द ही समाधान निकालने की चेतावनी दे रहा हूं।



स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि,''सरकार लगातार तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल भी जुड़े नहीं हैं। यह हमारे आंदोलन को तोड़ने का एक प्रयास है। सरकार जिस तरह अपने विपक्षी दलों से निपटती से उसी तरह किसानों का विरोध कर रही है।



स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि,'' हम केंद्र को आश्वस्त करना चाहते हैं कि विरोध करने वाले किसान और यूनियन सरकार के साथ चर्चा के लिए तैयार हैं। हम इंतजार कर रहे हैं कि सरकार खुले मन और नेक इरादे के साथ चर्चा को आगे ले जाए।



राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेता शिव कुमार काका ने कहा कि,'' हम सरकार से आग्रह करते हैं कि फलदायी बातचीत के लिए एक ऐसा माहौल बनाया जाए जिसमें सार्थक संवाद हो सके। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कृषि कानूनों के क्रियान्वयन को स्थगित करने को कहा है। ऐसे में बातचीत के लिए सही माहौल बन सकता है।




स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि,''संयुक्त किसान मोर्चा ने आज सरकार को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सरकार को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पहले लिखे गए पत्र पर सवाल नहीं उठाना चाहिए क्योंकि यह सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय था। सरकार का नया पत्र किसान संघ को बदनाम करने का नया प्रयास है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि हम उन निरर्थक संशोधनों को बार बार न दोहराएं जिन्हें हमने पहले ही अस्वीकार कर दिया है| इसके बजाय लिखित रूप में एक ठोस प्रस्ताव लेकर आए हैं ताकि इसे एक एजेंडा बनाया जा सके और बातचीत की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू हो सके|



योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार लगातार तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल नहीं जुड़े हुए हैं। यह हमारे आंदोलन को तोड़ने का प्रयास है। सरकार जिस तरह अपने विपक्षी दलों से निपटती से उसी तरह किसानों का विरोध कर रही है।



आज एक बार फिर किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उन्हें संशोधन स्वीकार नहीं है। सरकार हर हाल में कानून वापस ले। किसानों ने इस बार चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार आग से न खेले वरना बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि हमें सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव मिलेगा तो उसपर विचार किया जा सकता है।







tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 23 दिसंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।