नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा,''भारत में अब तक 10 लाख से ज़्यादा मरीज़ कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं और ये अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। ये दिखाता है कि हमारे डॉक्टर, नर्स और फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स ने बहुत परिश्रम और निष्ठा से काम किया है|
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा,'अभी देश में रिकवरी रेट 64.44 प्रतिशत है, 16 राज्य ऐसे हैं जिनमें रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से कहीं ज़्यादा है। दिल्ली में रिकवरी रेट 88 प्रतिशत है, लद्दाख में 80 प्रतिशत और हरियाणा में 78 प्रतिशत है|देश में ठीक हो चुके मामले एक्टिव मामलों से 1.9 गुना ज़्यादा हैं। प्रभावी क्लिनिकल प्रबंधन की वजह से देश में कोरोना वायरस से मृत्यु दर लगातार घट रही है, जून में ये दर 3.33 प्रतिशत थी और अभी ये घटकर 2.21 प्रतिशत हो गई है|
देश में 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां मृत्यु दर देश की मृत्यु दर से भी कम है। असम, केरल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, बिहार, गोवा और झारखंड में मृत्यु दर 1 प्रतिशत से कम है|
राजेश भूषण ने कहा,'विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 24 जुलाई के बुलेटिन के मुताबिक विश्व में 24 वैक्सीन क्लिनिकल इवैल्यूएशन में हैं और 3 वैक्सीन फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल में हैं। भारत में दो वैक्सीन हैं, दोनों के फेज 1 और 2 के क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गए हैं| भूषण ने कहा,'कोरोना वायरस के 80 प्रतिशत नए मामलों में मामले सामने आने के पहले 72 घंटों के अंदर क्लोज कांटेक्ट को ट्रैक किया जा सकता है। और दिल्ली सरकार ने भारत सरकार के सहयोग से ये करके दिखाया है|
राजेश भूषण ने कहा,भारत जैसे बड़े आकार और बड़ी जनसंख्या वाले देश में हर्ड इम्यूनिटी एक रणनीतिक विकल्प नहीं हो सकता है। यह केवल टीकाकरण के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय को लगता है कि यह भविष्य में संभव है, लेकिन अभी हमें COVID के उचित व्यवहार का पालन करना है|