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24 अगस्त 2026

आज शाम गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया

नई दिल्ली: पिछले सप्ताह कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के मामले के बाद पश्चिम बंगाल में क़ानून-व्यवस्था को लेकर गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP को आज दिल्ली…

आज शाम गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया
आज शाम गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  पिछले सप्ताह कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के मामले के बाद पश्चिम बंगाल में क़ानून-व्यवस्था को लेकर गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP को आज दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है। पश्चिम बंगाल में क़ानून-व्यवस्था को लेकर गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP को आज शाम 5:30 बजे दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है।




बता दें कि गुरुवार को गृह मंत्रालय ने 3 IPS अधिकारियों को पश्चिम बंगाल में स्थानांतरित किया। भोलानाथ पांडेय को बीपीआर एंड डी (पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो) में स्थानांतरित कर दिया गया, राजीव मिश्रा को आईटीबीपी में आईजी और प्रवीण त्रिपाठी को एसएसबी में भेज दिया गया।  गृह मंत्रालय ने ने पश्चिम बंगाल सरकार से इन अधिकारियों को उनकी नई पोस्टिंग के लिए Relieve देने के लिए कहा।




MHA द्वारा 3 IPS अधिकारियों के स्थानांतरण पर पश्चिम बंगाल के मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि,''भारत सरकार का आदेश IPS कैडर नियम 1954 के आपातकालीन प्रावधान का घोर दुरुपयोग है। यह अधिनियम राज्य के अधिकार क्षेत्र और अधिकारियों का अतिक्रमण करने के लिए जानबूझकर किए गए प्रयास के अलावा कुछ नहीं है। यह असंवैधानिक है|




इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के लिए गुरुवार को फिर से आदेश जारी किया था।इस मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच रार बढ़ती जा रही है|मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि चुनाव से पहले यह कदम संघीय ढांचे के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्र सरकार छद्म तरीके से राज्य को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है|



 ममता बनर्जी ने ट्विटर कर लिखा था, "राज्य की आपत्ति के बावजूद पश्चिम बंगाल में सेवारत आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए केंद्र सरकार का आदेश आईपीएस कैडर नियम 1954 के आपातकालीन प्रावधान का जबरदस्त दुरुपयोग है| बनर्जी ने कहा है कि,''यह कुछ और नहीं बल्कि राज्य के अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ और पश्चिम बंगाल में कार्यरत अधिकारियों के मनोबल को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है| विशेषकर चुनाव से पहले उठाया गया यह कदम संघीय ढांचे के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है| यह असंवैधानिक और पूरी तरह से अस्वीकार्य है|



उन्होंने लिखा, "हम केंद्र द्वारा राज्य की मशीनरी को छद्म तरीके से  नियंत्रित करने की इस कोशिश की इजाजत नहीं देंगे! पश्चिम बंगाल विस्तारवादी और अलोकतांत्रिक ताकतों के सामने घुटने टेकने वाला नहीं है|




पिछले सप्ताह कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के एक दिन बाद भारतीय पुलिस सेवा (IPS)के तीन अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था| पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा तीनों अधिकारियों को भेजने से इनकार करने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक और पत्र भेजकर ममता बनर्जी सरकार को तीन अधिकारियों को जल्द से जल्द रिलीव करने को कहा था|





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