नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ सड़क से संसद तक संग्राम जारी है।| राज्यसभा में शुक्रवार को विपक्ष ने एक बार फिर किसानों के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और कृषि कानून वापस लेने की मांग की। शुक्रवार को संसद के बजटीय सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''मैं दो महीने तक किसान यूनियन से पूछता रहा कि इन कानूनों में काला क्या है? मुझे बताइए तो उसे ठीक किया जाए। प्रतिपक्ष के नेताओं ने कृषि सुधार कानूनों को खराब कहा। लेकिन कानून के प्रावधान को कि ये किसान के प्रतिकूल हैं किसी ने बताने की कोशिश नहीं की।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''''APMC के अंदर राज्य सरकार का टैक्स है। APMC के बाहर केंद्र सरकार का एक्ट है, जो टैक्स को खत्म करता है। मैं किसानों से पूछता हूं- जो सरकार टैक्स ले रही, लगा रही और बढ़ा रही है, आंदोलन उसके खिलाफ होना चाहिए या टैक्स फ्री करने वाले के खिलाफ?
तोमर ने कहा,'''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले कल में भी रहेगी| तोमर ने कहा,''कई बार विपक्ष की तरफ से ये बात सामने आती है कि आप कहते हैं कि सब मोदी जी की सरकार ने किया है पिछली सरकारों ने तो कुछ भी नहीं किया। मैं इस मामले में ये कहना चाहता हूं कि इस प्रकार का आरोप लगाना उचित नहीं है| मोदी जी ने सेंट्रल हॉल में अपने पहले भाषण में और 15 अगस्त में भी उन्होंने कहा था कि मेरे पूर्व जितनी भी सरकारे थी उन सबका योगदान देश के विकास में अपने-अपने समय पर रहा है|
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,'कुछ लोग मनरेगा को गड्ढों वाली योजना कहते थे। जब तक आपकी सरकार थी उसमें गड्ढे खोदने का ही काम होता था। लेकिन मुझे ये कहते हुए प्रसन्नता और गर्व है कि इस योजना की शुरुआत आपने की लेकिन इसे परिमार्जित हमने किया|किसान की आमदनी दोगुनी हो इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 6,000 रुपये का योगदान दिया। आज हम ये कह सकते हैं कि दस करोड़ 75 लाख किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपये डीबीटी से उनके अकाउंट में भेजने का काम किया है|
तोमर ने कहा,''मैं प्रतिपक्ष का धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने किसान आंदोलन पर चिंता की और आंदोलन के लिए सरकार को जो कोसना आवश्यक था उसमें भी कंजूसी नहीं की और कानूनों को जोर देकर काले कानून कहा। मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि कानून में काला क्या है|
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''भारत सरकार कानूनों में किसी भी संशोधन के लिए तैयार है इसके मायने ये नहीं लगाए जाने चाहिए कि कृषि कानूनों में कोई गलती है। पूरे एक राज्य में लोग गलतफहमी का शिकार हैं। किसानों को इस बात के लिए बरगलाया गया है कि ये कानून आपकी जमीन ले जाएंगे|''दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। खून से खेती सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी खून से खेती नहीं कर सकती|