नई दिल्ली: अभी मैं कुछ दिन पहले अपोजिशन पार्टी के लीडर्स के साथ और अब मैं कांग्रेस पार्टी के, जो सीनियर लीडर हैं, उनके साथ राष्ट्रपति से मिलने गया। राष्ट्रपति जी से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं, ये किसान विरोधी कानून हैं और इससे किसानों का जबरदस्त नुकसान होने वाला है, मजदूरों का, किसानों का। सरकार ने कहा था कि येकानून किसान के फायदे के हैं। देश को दिख रहा है कि किसान कानून के खिलाफ खड़ा हुआ है और मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि ये किसान हटेगा नहीं। प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान और मजदरू घर चले जाएंगे, नहीं जाएंगे, जब तक ये कानून वापस नहीं लिया जाएगा।
ज्वाइंट सेशन कीजिए और कानून को एकदम वापस लीजिए, क्योंकि किसान वापस नहीं जानेवाला है। हम सब, विपक्ष की सब पार्टियां किसानों के साथ, मजदूरों के साथ खड़े हैंऔर खड़े रहेंगे। जिस प्रकार से ये कानून पास किया गया, वो भी बिल्कुल गलत था। बिना डिबेट किए, बिना किसानों से चर्चा किए, बिना मजदूरों सेपू छे, ये कानून ऊपर से थोप दिए गए हैं और इन कानूनों को हटाना ही पड़ेगा..
एक प्रश्न के उत्तर में श्री राहुल गांधी ने कहा कि हम तीन लोग राष्ट्रपति के पास गए, but हम करोंडों सिग्नेचर लेकर गए हैं। हम किसान की आवाज राष्ट्रपति जी तक लेकर गए हैं। सर्दी का मौसम है और पूरा देश देख रहा है कि किसान दखु में है, दर्द में है और मर भी रहे हैं। प्रधानमंत्री को सुनना ही पड़ेगा और मैं एडवांस में एक चीज़ बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने नहीं बात सुनी और आज मैं फिर से बोल रहा हूं, किसान के सामने, मजदरू के सामने कोई भी शक्ति नहीं खड़ी हो सकती है। अगर प्रधानमंत्री जी ने कानून वापस नहीं लिए, सिर्फ बीजेपी को नहीं, सिर्फ आर.एस.एस. को नहीं, देश को नुकसान होने जा रहा है।
एक अन्य प्रश्न पर कि बार-बार बीजेपी की तरफ से कहा जा रहा हैकि ये जो किसान बैठे हैं, ये नक्सलवादी हैं, खालिस्तानी हैं, विपक्ष की तरफ से इन्हें बरगलाया जा रहा है, क्या कहेंगे..? इस पर राहुल गांधी ने कहा कि,'' बीजेपी, नरेन्द्र मोदी जी का एक ही लक्ष्य है और वो किसान समझ गया है, मजदूर समझ गया है। लक्ष्य है कि उनके आस-पास जो दो, तीन, चार बड़े-बड़े क्रोनी कैपिटलिस्ट हैं, उनके लिए पैसे बनाने का काम नरेन्द्र मोदी जी करते हैं। जो भी नरेन्द्र मोदी जी के खिलाफ़ खड़े होते हैं, वो उनके बारे में कुछ ना कुछ गलत बोलते रहते हैं।
किसान खड़े हो जाएंगे, तो किसान को आतंकवादी बोलेंगे, मजदूर खड़े हो जाएंगे, तो मजदूर को आतंकवादी बोलेंगे। एक दिन अगर मोहन भागवत खड़े हो गए, तो कहेंगे, ये भी आतंकवादी है। मतलब जो भी नरेन्द्र मोदी जी का विरोध करने की कोशिश करेगा, वो आतंकवादी है और नरेन्द्र मोदी किसके लिए काम कर रहे हैं, वो मैंने आपको बता दिया। उनके दो-तीन आस-पास के क्रोनी कैपिटलिस्ट हैं, जिनको पूरा हिंदुस्तान ..पूरा का पूरा हिंदुस्तान ...पकड़ाया जा रहा है। ये Reality है। लेकिन आप पुलिस लगवाते हो....अरैस्ट करते हो, एआईसीसी से हमारे सांसदों को बाहर नहीं निकलने देते हो और फिर कहते हो कि भईया, सब कुछ ठीक है।
दूसरी बात याद रखिए, जिस चीज़ को आप सब भूल गए हैं, चीन बॉर्डर पर बैठा है। चीन ने हिंदुस्तान की हजारों किलोमीटर जमीन छीन ली है। प्रधानमंत्री उनके बारे में क्यों नहीं कहते..? उसके बारे में चुप क्यों हैं...? तो मेरा कहना है कि पूरा का पूरा कॉम्बिनेशन बन रहा है। एक तरफ आप अपने सिस्टम को तोड़ रहे हो, आप अपने लोगों को लड़ा रहे हो। आप अपने किसान को मार रहे हो, मजदूरों को मार रहे हो और दूसरी तरफ बाहर से फोर्सेस देख रही हैं। कह रहे हैं कि बहुत अच्छा है, नरेन्द्र मोदी हिंदुस्तान को कमजोर कर रहा है और हमारे लिए अच्छी अपोर्चुनिटी बनने जा रही है। मैं देश को बता रहा हूं। मैं वॉर्निंग दे रहा हूं कि आप देखिए क्या हो रहा है और मैं आपको भी कह रहा हूं, प्रेसवालों को भी कह रहा हूं। मैं समझता हूं कि आपको सैलरी मिलती है और आपके लिए बहुत मुश्किल है। मैं समझता हूं.. इसलिए आप नहीं कह पाते हो बात, जो आपको कहना है। मगर आपके देश को, हमारे देश को बहुत जबरदस्त नुकसान होने वाला है। बहुत डैंजरस रास्ते पर ये देश चल रहा है। ये मैं कह रहा हूं।
एक अन्य प्रश्न पर कि बहुत सारेकांग्रेस नेताओं को डिटेन कर लिया गया है...? राहुल गांधी ने कहा कि,'' वो तो तरीका है इनका। तरीका है डिटेन करना, मारना, पीटना, ये इनका तरीका है, but हम नहीं डरते हैं। ........एक अन्य प्रश्न पर क्या आपको लगता है की डेमोक्रेसी में Detain करना सही है, के उत्तर में श्री राहुल गांधी ने कहा कि,'' इंडिया में कोई डेमोक्रेसी नहीं है। डेमोक्रेसी इंडिया में ये मतलब आपके इमेजिनेशन में हो सकती है, मगर reality में है नहीं।
एक अन्य प्रश्न पर कि सरकार बार-बार ये कह रही है ये जो कृषि कानून हैं, ये इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देते हैं?... श्री राहुल गांधी ने कहा कि,'' सवाल ये है कि इनवेस्टमेंट कौन करेगा और इनवेस्टमेंट का फायदा किसको मिलेगा, सवाल ये है...? सुनिए, सवाल ये है कि हिंदुस्तान के एग्रीकल्चर सिस्टम में कौन इनवेस्ट करेगा और कौन पैसा बनाएगा। हिंदुस्तान के एग्रीकल्चर सिस्टम में आज तक किसान ने इनवेस्टमेंट किया है, मजदूर ने इनवेस्टमेंट किया है, ये जो जवान, हमारे सेना बॉर्डर पर खड़े हैं, इनके माता-पिता ने किया है इनवेस्टमेंट ये करते हैं और रिटर्न किसको मिलता है? रिटर्न दो-तीन उनके उद्योगपति मित्रों को मिलता है।
ये पूरा देश जानता है। पूरा देश इस बात को समझता है कि इनवेस्टमेंट हम करते हैं। (एक पत्रकार सेसवाल पूछते हुए श्री राहुल गांधी ने कहा - आपके माता-पिता क्या करते हैं) आप एग्रीकल्चर फॉर्मर थीं, अब आप जर्नलिस्ट हैं, तो आप जानते हैं कि आपके father ने इनवेस्टमेंट किया या नहीं? अरे मैं आपसे पूछ रहा हूं, आप देश की महिला हैं, आपके पिता ने इनवेस्टमेंट किया है ना। Mother फॉर्मर हैं, उन्होंने इनवेस्टमेंट किया है ना, किसके लिए इनवेस्टमेंट किया, क्या इन दो-तीन लोगों के लिए इनवेस्टमेंट किया या आपके परिवार के लिए किया, आपकी एजुकेशन के लिए किया, आपके स्वास्थ्य के लिए किया... मगर ये जो दो- तीन बिजनेस मैन हैं, उनके लिए तो नहीं किया ना। तो सवाल यही है, इनवेस्टमेंट कौन कर रहा है, आपके माता-पिता ने किया, करोंडों किसानों ने किया और रिटर्न किसको मिल रहा है।