नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है ।सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है।
अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ में 23.9% की गिरावट| चालू वित्तवर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर शून्य से 23.9 फीसदी कम रही।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, '2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी 26.9 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है जो कि 2019-20 की पहली तिमाही में 35.35 लाख करोड़ रुपये थी। इसमें 23.9 फीसदी की गिरावट देखी जा सकती है।' सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास कर रही है लेकिन कोरोना महामारी के चलते अभी भी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
भारत का जीडीपी ग्रोथ Q1FY21 में (-) 23.9%
Percentage change in the main indicators used in the estimation are listed below:

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने जुलाई, 2020 के लिए आठ कोर उद्योगों का सूचकांक जारी किया है। जून 2020 में आठ कोर उद्योगों के सूचकांक की वृद्धि दर 119.9 रही जिसमें जुलाई 2019 के सूचकांक की तुलना में 9.6 फीसदी (अनंतिम) की गिरावट दर्ज की गई। इनकी संचयी वृद्धि दर अप्रैल-जुलाई, 2020-21 के दौरान -20.5 प्रतिशत थी।
अप्रैल, 2020 में आठ कोर उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को संशोधित कर -37.9 फीसदी कर दिया गया है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के कुल भारांक (वेटेज) का 40.27 प्रतिशत हिस्सा आठ कोर उद्योगों में ही निहित होता है। वार्षिक/मासिक सूचकांक और वृद्धि दर का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
आठ कोर उद्योगों के सूचकांक
कोयला: जुलाई, 2020 में कोयला उत्पादन (भारांक: 10.33 प्रतिशत) जुलाई, 2019 के मुकाबले 5.7 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.9 प्रतिशत गिर गया।
कच्चा तेल:जून, 2020 के दौरान कच्चे तेल का उत्पादन (भारांक: 8.98 प्रतिशत) जुलाई, 2019 की तुलना में 4.9 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल- जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.1 प्रतिशत कम रहा।
प्राकृतिक गैस:जुलाई, 2020 में प्राकृतिक गैस का उत्पादन (भारांक: 6.88 प्रतिशत) जुलाई, 2019 के मुकाबले 10.2 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.7 प्रतिशत घट गया।
रिफाइनरी उत्पाद: पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन (भारांक: 28.04 प्रतिशत) जुलाई, 2020 में 13.9 प्रतिशत घट गया। वहीं, वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17.1 प्रतिशत कम रहा।
उर्वरक: जुलाई, 2020 के दौरान उर्वरक उत्पादन (भारांक: 2.63 प्रतिशत) 6.9 प्रतिशत बढ़ गया। उधर, वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.9 प्रतिशत अधिक रहा।
इस्पात: जुलाई, 2020 में इस्पात उत्पादन (भारांक: 17.92 प्रतिशत) 16.4 प्रतिशत घट गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल- जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 42.0 प???रतिशत कम रहा।
सीमेंट: जुलाई, 2020 के दौरान सीमेंट उत्पादन (भारांक: 5.37 प्रतिशत) जुलाई, 2019 के मुकाबले 13.5 प्रतिशत घट गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 32.2 प्रतिशत कम रहा।
बिजली: जुलाई, 2020 के दौरान बिजली उत्पादन (भारांक: 19.85 प्रतिशत) जुलाई, 2019 के मुकाबले 2.3 प्रतिशत घट गया। वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 12.4 प्रतिशत कम रहा।