मुंबई: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ़्तारी पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने ट्वीट कर नाराज़गी जताई। जे.पी. नड्डा ने कहा,'''महाराष्ट्र सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन है। हम इस तरह की हरकत से न तो डरेंगे और न ही दबे होंगे| हम लोकतांत्रिक ढंग से लड़ते रहेंगे, यात्रा जारी रहेंगी।
नारायण राणे की गिरफ़्तारी पर जे.पी. नड्डा ने ट्वीट कर कहा,''महाराष्ट्र सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री नारायण राणे जी की गिरफ़्तारी संवैधानिक मूल्यों का हनन है। इस तरह की कार्यवाही से ना तो हम डरेंगे, ना दबेंगे। भाजपा को जन-आशीर्वाद यात्रा में मिल रहे अपार समर्थन से ये लोग परेशान है। हम लोकतांत्रिक ढंग से लड़ते रहेंगे, यात्रा जारी रहेंगी।
'उद्धव ठाकरे को ज़ोरदार थप्पड़ मारने' वाले बयान पर भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी का समर्थन नहीं करते। मुख्यमंत्री को भारत की स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव वर्ष याद नहीं रहा इसके लिए किसी व्यक्ति को गुस्सा आ सकता है, ये स्वाभाविक है
फडणवीस ने कहा कि,''भाजपा वक्तव्य का समर्थन नहीं करेगी लेकिन भाजपा नारायण राणे के पीछे पूरी ताकत से खड़ी रहेगी। पुलिस बल का इस्तेमाल करते हुए नारायण राणे की यात्रा को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। अगर उन्हें गैर क़ानूनी ढंग से गिरफ़्तार किया गया तब भी जन आशीर्वाद यात्रा चलेगी|
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ 'थप्पड़ संबंधी टिप्पणी' को लेकर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है| पुलिस की टीम मंत्री को गिरफ्तार करने के लिए संगमेश्वर गई थी, राणे 20 साल में ऐसे पहले केंद्रीय मंत्री है, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है| राणे की गिरफ्तारी की आशंका उस समय बढ़ गई थी जब गिरफ्तारी से संरक्षण संबंधी उनकी ओर से दाखिल की गई याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था|
नाराायण राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर दर्ज FIR को चुनौती देते हुए मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध किया था लेकिन उन्होंने कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया|
अधिवक्ता अनिकेत निकम के माध्यम से दाखिल राणे की याचिका में प्राथमिकी रद्द करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया था| न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एनजे जमादार की पीठ के समक्ष दाखिल याचिका में मंगलवार को ही तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी|हालांकि, पीठ ने इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि (याचिका का) उल्लेख करने की अनुमति नहीं है| पीठ ने कहा था कि वकील को प्रक्रिया का पालन करना होगा|