नई दिल्ली: दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है| केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 72वां दिन है| कृषि कानूनों के खिलाफ सड़क से संसद तक संग्राम जारी है।राज्यसभा में शुक्रवार को विपक्ष ने एक बार फिर किसानों के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच किसान शनिवार यानी 6 फरवरी को देशभर में चक्का जाम करेंगे| किसान संगठनों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर बाकी समूचे देश में राजमार्गों पर चक्का जाम करेंगे| राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड में भी कल चक्का जाम नहीं होगा|
राकेश टिकैत ने कहा कि,''कल (6 फरवरी) सिर्फ 2 राज्यों में चक्का जाम नहीं होगा। ये 2 राज्य हैं- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। इन 2 राज्यों और दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम होगा|
किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा कि हम कल दिल्ली में चक्का जाम नहीं कर रहे हैं|हम सभी बार्डरों पर शांतिपूर्ण तरह से बैठे रहेंगे|हम दिल्ली के अलावा पूरे देश में राष्ट्रीय और राज्य हाईवे बंद करेंगे दोपहर 12 से 3 बजे तक ही चक्का जाम रहेगा|
किसान नेता ने कहा कि हम सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीक़े से बैठे रहेंगे| दोपहर 3 बजे जब चक्का जाम ख़त्म होगा तो हम एक साथ एक मिनट के लिए अपनी गाड़ियों का हार्न बजाएंगे| उन्होंने कहा कि इंटरनेट बंद होने से हमें काफ़ी समस्या हो रही है| पूरा संयुक्त किसान मोर्चा यहीं से चक्का जाम कोर्डिनेट करेगा|
किसानों द्वारा चक्का जाम पर ADCP नोएडा रणविजय सिंह ने कहा कि,''नोएडा क्षेत्र में किसी संगठन ने हमें आधिकारिक रूप से सूचना नहीं दी है। ग्रेटर नोएडा से सूचना मीडिया के माध्यम से हमें मिली है। उसकी तैयारी की गई है। हमारी कोशिश रहेगी कि आम जनता को कोई समस्या न हो|
कल किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए 'चक्का जाम' का कांग्रेस पार्टी ने किया समर्थन
दिल्ली में हरियाणा के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि,''बैठक में हमने किसानों के आंदोलन का समर्थन करने की बात कही है। हमारी पार्टी का निर्णय है कि नए कृषि क़ानून वापस होने चाहिए। कांग्रेस किसानों के साथ है|
दिल्ली की सभी बॉर्डर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की है: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस PRO चिन्मय बिस्वाल ने कहा,''पूरे देश में कल किसानों का तीन घंटे का चक्का जाम होने वाला है, उसके मद्देनज़र हमने दिल्ली की सभी बॉर्डर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की है। हालांकि किसानों ने कहा कि वे दिल्ली में ऐसा कुछ नहीं कर रहे हैं लेकिन 26 जनवरी को जो हुआ उसके मद्देनज़र हमने ऐसा किया है| हम यह सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया पर सामग्री की निगरानी कर रहे हैं कि पुलिस या अन्य चीजों के खिलाफ अफवाहें न फैलाई जाएं। प्रदर्शनकारी दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। हम अन्य राज्यों के पुलिस बल के भी संपर्क में हैं|
-टीकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षाबल की तैनाती जारी है। किसानों को टीकरी बॉर्डर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए आज 72 दिन हो गए हैं।
-सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के मद्देनज़र सुरक्षाबल की तैनाती जारी है। किसानों को सिंघु बॉर्डर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए आज 72 दिन हो गए हैं। उधर दिल्ली के पुलिस आयुक्त किसानों के प्रस्तावित चक्का जाम पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
चक्का जाम दिल्ली में नहीं होगा: राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा,''जो लोग यहां नहीं आ पाए वो अपने-अपने जगहों पर कल चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। ये जाम दिल्ली में नहीं होगा|
कल सभी राज्य और ज़िलों के हाइवे पर किया जाएगा चक्का जाम
गाज़ीपुर बॉर्डर से किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा,''सभी राज्य और ज़िलों के हाइवे पर कल चक्का जाम किया जाएगा। दिल्ली में तो पहले से ही किसान बैठे हैं इसलिए यहां चक्का जाम वाली स्थिति नहीं होगी। देश की अन्य जगहों पर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम की स्थिति रहेगी| आज 10 बजे की बैठक में हम ये तय करेंगे कि किस तरह से शांतिपूर्ण ढंग से ये आंदोलन करना है और संयुक्त मोर्चा की तरफ से दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे|
उधर,'गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 25 आरोपियों की पहचान कर ली है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 25 संदिग्ध आरोपियों की पहचान तस्वीरों के जरिए की है। 200 से अधिक वीडियो फुटेज देखने के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से इन आरोपियों की पहचान की है। इसमें दीप सिद्धू की भी तस्वीर शामिल है
वहीं हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने आम लोगों और मीडिया से वीडियो और फोटो शेयर करने की अपील की थी। जिससे लाल किला हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान हो सके। जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में आमलोगों ने दिल्ली पुलिस को हिंसा से जुड़े वीडियो दिए थे।
तस्वीरों से होगी आगे की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मिलकर इन वीडियोज और तस्वीरों की जांच की। जिसके बाद 25 संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान हो सकी। इन उपद्रवियों के खिलाफ इन तस्वीरों की मदद से आगे की कार्रवाई की जाएगी। तस्वीरों में लोग लाठी-डंडों, फरसा और तलवारों के साथ दिख रहे हैं. इससे साफ होता है कि हिंसा को किसी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है।
दीप सिद्धू समेत चार पर एक-एक लाख रुपये का इनाम
वहीं गुरुवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लाल किले पर हिंसा फैलाने और फेसबुक लाइव कर रहे दिल्ली के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह हरमन को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी कार की छत पर बैठकर लाल किले के अंदर से भीड़ को उकसा रहा था। लाल किला हिंसा में यह दूसरी गिरफ्तारी है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने लाल किले के गुनहगारों पर इनाम की घोषणा कर दी है। दीप सिद्धू समेत चार की गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
बता दें कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर महीनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी. भड़की हिंसा में एक किसान की मौत हो गई थी। सैकड़ों पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी मामले की जांच कर रही है।