नई दिल्ली: महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई| दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह की ओर से आंशिक दलीलें सुनने के बाद मामले को स्थगित कर दिया। अदालत ने मामले को 19 अक्टूबर दोपहर 2.30 बजे के लिए सूचीबद्ध किया है।
WFI के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह आज सोमवार को पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे।
इससे पहले, 23 सितंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली पुलिस ने यह दलील दी थी कि जो साक्ष्य और सबूत मिले हैं वह बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि बृजभूषण को जब भी मौका मिलता था वह महिला पहलवान की लज्जा भंग करने की कोशिश करते थे। अपनी दलील में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि बृजभूषण को पता था वो क्या कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा था कि सवाल यह नहीं है कि पीड़ित लड़की ने कोई प्रतिक्रिया दी है या नहीं, सवाल यह है कि उनके साथ गलत किया गया। दिल्ली पुलिस ने मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं के साथ दिल्ली में WFI के दफ्तर में हुई घटना का ज़िक्र किया और कहा इन शिकायतों का क्षेत्राधिकार दिल्ली में ही बनता है।
बता दें कि, 20 जुलाई, 2023 को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह और महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर सिंह को नियमित जमानत दी थी। अदालत ने दोनों को 25-25 हजार रुपए के निजी जमानत मुचलके पर जमानत दी थी|