नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी हिंसा को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा सुनियोजित साजिश करार दिए जाने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब गृह राज्य मंत्री के पद से अजय मिश्रा को हटाना चाहिए क्योंकि सच सामने आ चुका है| बता दें कि,''उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों को गाड़ी से रौंदने के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम ने जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को लिखित दस्तावेज सौंपकर बताया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों को मारने की सुनियोजित साजिश रची थी|
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि यह घटना एक "पूर्व नियोजित साजिश" थी, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए| SIT ने लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा और बाकी साथियों पर IPC की धाराओं 279,338,304A को हटाकर 307, 326, 34 जैसी सख़्त धाराएँ लगाने के लिए कोर्ट में ऐप्लिकेशन डाली है। SIT ने कहा है कि लखीमपुर नरसंहार जानबूझकर प्लानिंग करके किया गया था।
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में SIT के खुलासे के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि, मोदी जी, फिर से माफ़ी माँगने का टाइम आ गया… लेकिन पहले अभियुक्त के पिता को मंत्री पद से हटाओ। सच सामने है!|
राहुल गांधी ने कहा कि,''धर्म की राजनीति करते हो, आज राजनीति का धर्म निभाओ, यूपी में गए ही हो, तो मारे गए किसानों के परिवारों से मिलकर आओ। अपने मंत्री को बर्खास्त ना करना अन्याय है, अधर्म है! #Lakhimpur
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि,''एक मंत्री ने किसानों को मारने का काम किया और प्रधानमंत्री जानते हैं, उनके साथ उनकी टीम में हैं; उस समय भी हमने कहा और चर्चा नहीं हुई; जैसे इन सभी को चुप किया है, वैसे ही उस समय भी हम सभी को चुप किया था| जब इन्होंने अपनी जीप किसानों के ऊपर चलाई, इनके पीछे कौनसी शक्ति थी? छूट किसने दी? किस शक्ति ने उनको जेल से बाहर रखा आज तक? वही शक्ति है जिसने राज्यसभा सांसदों को निकाला|
बता दें कि 3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने तेज रफ्तार एसयीवू गाड़ी चढ़ा दी थी| इसमें चार किसानों की और एक पत्रकार की मौके पर ही मौत हो गई थी| बाद में भड़की हिंसा में चार और लोगों की मौत हो गई थी|
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने छानबीन और साक्ष्यों के आधार पर कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के पुत्र और उसके सहयोगियों द्वारा जानबूझकर, सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया| एसआईटी के मुख्य जांच निरीक्षक विद्याराम दिवाकर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दिये गये आवेदन में आरोपियों के विरुद्ध उपरोक्त आरोपों की धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है| केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत उसके 13 साथियों द्वारा लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप से कुचलने का आरोप है|