नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नए कृषि कानूनों (New farm laws) को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार के बयान का स्वागत किया है ,कि 'नए कानूनों को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाना चाहिए, इसके बजाय इसके विवादास्पद हिस्से में बदलाव किया जाना चाहिए|केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि,''शरद पवार ने कृषि क़ानूनों पर कहा है कि सभी क़ानून बदले जाने की आवश्यकता नहीं है। जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उनपर विचार करके उन्हें बदला जाना चाहिए। मैं उनके वक्तव्य का स्वागत करता हूं|
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि,'''शरद पवार ने कृषि क़ानूनों पर कहा है कि सभी क़ानून बदले जाने की आवश्यकता नहीं है। जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उनपर विचार करके उन्हें बदला जाना चाहिए| मैं उनके वक्तव्य का स्वागत करता हूं।
तोमर ने कहा कि,'''केंद्र सरकार आपके द्वारा व्यक्त भाव से सहमत है। हमने 11 बार किसान यूनियन से इस बारे में बात की है। केंद्र सरकार बातचीत से जल्द हल निकालना चाहती है ताकि सभी किसान आंदोलन समाप्त करके घर जाएं और ठीक से खेती करें| किसान यूनियनों को कृषि क़ानूनों के जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उन बिंदुओं पर भारत सरकार खुले मन से विचार करने के लिए तैयार है|
वहीँ, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि,'''शरद पवार ने भारत सरकार को कहा है कि बातचीत होनी चाहिए और समाधान होना चाहिए। कुछ किसान पीछे हटें, कुछ सरकार पीछे हटे और बातचीत से इसका समाधान निकले। सरकार को बात माननी चाहिए|