नई दिल्ली: NIA (National Investigation Agency) ने बिहार और झारखंड राज्य में माओवादी टेरर फंडिंग के मामले में बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और ओडिशा राज्यों में कई स्थानों पर तलाशी की| शनिवार को माओवादी टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चारों राज्यों बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के 26 लोकेशन पर छापेमारी की है|
एनआईए ने स्थानीय पुलिस, बिहार एसटीएफ और सीआरपीएफ की मदद से जहानाबाद में 8, पटना ग्रामीण में 2, अरवल में 1, नालंदा में 1, गया में 8, नवादा में 1 और औरंगाबाद में 2 स्थानों पर छापेमारी की| इसके अलावा झारखंड के कोडरमा में 1, ओडिशा में भुवनेश्वर में 1 और और आंध्र प्रदेश में नेल्लोर में भी 1 स्थान पर छापेमारी की है| इन जगहों पर आरोपियों और संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया गया है|
मामला बिहार के मगध क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) कैडरों और ओवर ग्राउंड वर्कर (OGWs) द्वारा संचालित आतंकवाद के वित्तपोषण के नेटवर्क से संबंधित है। आज की गई छापेमारी के दौरान 3 देशी पिस्टल, एक .315 बोर राइफल, 59 लाइव राउंड, कई डिजिटल उपकरण, नक्सल साहित्य, आपत्तिजनक दस्तावेज और 4 किलोग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
बिहार में 4 नक्सली नेताओं के ठिकाने पर रेड
बिहार में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने कुख्यात नक्सली प्रद्युम्न शर्मा, सहदेव यादव, प्रमोद मिश्रा, अनिल यादव और उनके नजदीकी लोगों के ठिकानों पर अलग-अलग जिलों में एक साथ छापेमारी की। एनआईए ने इस ऑपरेशन को काफी गोपनीय रखा था। जहानाबाद में हुलासगंज थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर में कुख्यात नक्सली प्रद्युम्न शर्मा और उसके सहयोगी विकास शर्मा के ठिकानों पर एनआईए की टीम पहुंची। हुलासगंज के ही केवला गांव में भी राजीव शर्मा के घर पर छापेमारी हुई। राजीव शर्मा नक्सली प्रद्युम्न शर्मा के नजदीकी बताए जाते हैं। नवादा जिले में भी सिरदला थाना क्षेत्र के संपत बीघा गांव में छापेमारी हुई। यहां सहदेव यादव के घर की तलाशी ली गई। नक्सलियों से पुराना संबंध सहदेव का रहा है। कुख्यात नक्सली प्रद्युम्न शर्मा का खास सहयोगी भी सहदेव यादव रहा है।
औरंगाबाद के कासमा और बंदेया में छापेमारी
औरंगाबाद में भी एनआईए की टीम ने दो जगहों पर छापेमारी की। औरंगाबाद के कासमा में भाकपा माओवादी के बड़े नक्सली प्रमोद मिश्रा और बंदेया के अनिल यादव के घर छापेमारी हुई। बताया जाता है कि दिल्ली से एनआईए की दो टीमें औरंगाबाद आई। इनमें से एक टीम औरंगाबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौतम शरण ओमी को साथ लेकर मदनपुर, रफीगंज और कासमा थाने की पुलिस के साथ भाकपा माओवादी के शीर्षस्थ नक्सली पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रमोद मिश्रा के रफीगंज प्रखंड के कासमा स्थित पैतृक आवास पर पहुंची। वहां, टीम ने माओवादी नेता के आवास के कोने-कोने की तलाशी ली। परिवार के सदस्यों से घर, जमीन, खेत, मकान, बैंक पासबुक और अन्य तरह की संपत्ति से जुड़े कागजात की मांग की। उपलब्ध कराए गए कागजातों की एनआईए की टीम ने बारीकी से जांच की। इस दौरान टीम ने प्रमोद मिश्रा के जेल से छूटने के बाद अपने खेत में बनाए गये प्रमोदाश्रम, खेतों में लगी फसल और उत्पादन की भी बारीक जानकारी ली। प्रमोद मिश्रा के परिवारवालों ने बताया कि वो छापेमारी के बाद दो किताब ले गए।
एनआईए के राडार पर मगध क्षेत्र के नक्सली नेता
वहीं, नालंदा में खुदागंज के चरटाई हाजीपुर गांव में भी नक्सली जितेंद्र के घर एनआईए ने छापामारी की। यहां से दो देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किया गया। नक्सली जितेंद्र फिलहाल जेल में बंद है। गया के मंडई गांव में भी नवीन शर्मा के यहां एनआईए की टीम ने छापेमारी की। दरअसल मगध क्षेत्र में पुराने माओवादी एक बार फिर से संगठन को जिंदा करने की कोशिश में लगे हैं। संगठन को खड़ा करने के लिए धन जुटाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ऐसी सूचना एनआईए के पास है। शनिवार की छापेमारी में पिस्तौल, गोली और नक्सली साहित्य समेत दूसरे आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।