लद्दाख: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन लेह पहुंचे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे स्टाकना (लेह) पहुंचे हैं।यहां सशस्त्र बलों के पैरा ड्रापिंग कौशल को देखा| राजनाथ सिंह ने लेह के स्टाकना में पिका मशीन गन का निरीक्षण किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि,आज सुबह लद्दाख़ पहुँच कर सीमावर्ती इलाक़ों का दौरा किया और लुकुंग चौकी पर जाकर भारतीय सेना के जाँबाज़ जवानों एवं अधिकारियों के दर्शन करते हुए उनसे बातचीत करने का अवसर मिला|
जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि,''आज आपसे मिलकर मुझे खुशी हो रही है तो मन में एक पीड़ा भी है, हाल ही में भारत और चीन सैनिकों के बीच जो भी कुछ हुआ, उसमें हमारे कुछ जवानों ने अपना बलिदान देते हए अपनी सीमा की रक्षा की। उन्हें खोने का गम और आपसे मिलने की खुशी है, मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं|
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,,भारत और चीन की सेना के जवानों के बीच हाल में जो कुछ हुआ मैं ये कह सकता हूं कि आप लोगों ने केवल भारत की सीमा की सुरक्षा नहीं की है बल्कि 130 करोड़ भारतवासियों के सम्मान की सुरक्षा भी की है| भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता पर उन्होंने कहा कि,''इस समय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा है। मामला हल होना चाहिए, लेकिन कहां तक हल होगा इसकी अभी मैं कोई गारंटी नहीं दे सकता हूं। मैं इतना यकीन दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन को भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती, उस पर कब्जा नहीं कर सकती है
राजनाथ सिंह ने कहा कि,''जो कुछ भी अब तक बातचीत की प्रगति हुई है, उससे मामला हल होना चाहिए। कहाँ तक हल होगा इसकी गारंटी नहीं दे सकता। लेकिन इतना यक़ीन मैं ज़रूर दिलाना चाहता हूँ कि भारत की एक इंच ज़मीन भी दुनिया की कोई ताक़त छू नहीं सकती, उस पर कोई कब्ज़ा नहीं कर सकता| उन्होंने कहा कि,हम अशांति नहीं चाहते,शांति चाहते हैं। हमने कभी दुनिया के किसी देश के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश नहीं की,लेकिन अगर दुनिया की कोई ताकत हमारे स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश करेगी उसे हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे|
उन्होंने कहा कि, भारत दुनिया का इकलौता देश है जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है। हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की ज़मीन पर हमने क़ब्ज़ा किया है। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया है।यदि हम आज लद्दाख़ में खड़े हैं तो आज के दिन मैं कारगिल युद्द में भारत की सीमाओं की अपने प्राणों की बाज़ी लगाकर रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों को भी स्मरण एवं नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।