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25 अगस्त 2026

अब समय आ गया है कि कृषि क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की बढ़े भागीदारी: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली: बजट में कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''लगातार बढ़ते कृषि उत्पादन के बीच, 21वीं सदी में भारत को पोस्ट हार्वेस्ट क्रांति या फूड प्रोसेसिं…

अब समय आ गया है कि कृषि क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की बढ़े भागीदारी: प्रधानमंत्री मोदी
अब समय आ गया है कि कृषि क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की बढ़े भागीदारी: प्रधानमंत्री मोदी | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  बजट में कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर वेबिनार में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''लगातार बढ़ते कृषि उत्पादन के बीच, 21वीं सदी में भारत को पोस्ट हार्वेस्ट क्रांति या फूड प्रोसेसिंग क्रांति और वैल्यू एडिशन की आवश्यकता है। देश के लिए बहुत अच्छा होता अगर ये काम दो-तीन दशक पहले ही कर लिया गया होता| 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'आज हमें कृषि के हर सेक्टर में प्रोसेसिंग पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना है। इसके लिए जरूरी है कि किसानों को अपने गांवों के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले। खेत से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचने की व्यवस्था सुधारनी ही होगी| आज ये समय की मांग है कि देश के किसान की उपज को बाज़ार में ज़्यादा से ज़्यादा विकल्प मिलें। सिर्फ उपज तक किसानों को सीमित रखने का नुकसान देश देख रहा है। हमें देश के कृषि क्षेत्र का प्रोसेस्ड फूड के वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा|




प्रधानमंत्री ने कहा,''हमारे यहां कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लंबे समय से किसी न किसी रूप में की जा रही है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग सिर्फ एक व्यापार बनकर न रहे बल्कि उस जमीन के प्रति हम अपनी ज़िम्मेदारी को भी निभ??एं| किसानों को ऋण, बीज और बाजार, खाद ये किसान की प्राथमिक जरूरत है, जो उसे समय पर चाहिए। बीते वर्षों में किसान क्रेडिट कार्ड छोटे से छोटे किसानों तक, पशुपालकों से लेकर मछुआरों तक इसका दायरा बढ़ाया है।




PMमोदी ने कहाएग्रीकल्चर सेक्टर में Research and developmen को लेकर ज्यादातर योगदान पब्लिक सेक्टर का ही है। अब समय आ गया है कि इसमें प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़े। हमें अब किसानों को ऐसे विकल्प देने हैं जिसमें वो गेहूं-चावल उगाने तक ही सीमित न रहे। उन्होंने कहा,''मोटे अनाज के लिए भारत की एक बड़ी जमीन बहुत उपयोगी है। मोटे अनाज की डिमांड पहले ही दुनिया में बहुत अधिक थी, अब कोरोना के बाद ये इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में बहुत प्रसिद्ध हो चुका है। इस तरफ किसानों को प्रोत्साहित कराना भी फूड इंडस्ट्री के साथियों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।




उन्होंने कहा,'' आज हमें एग्रीकल्चर के हर सेक्टर में, हर खाद्यान्न, हर सब्जी, फल, फिशरीज, सभी में प्रोसेसिंग पर सबसे ज्यादा फोकस करना है और प्रोसेसिंग की व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी है- किसानों को अपने गांव के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले| हमें देश के एग्रीकल्चर सेक्टर का, प्रोसेस्ड फूड के वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा। हमें गांव के पास ही Agro-Industries Clusters की संख्या बढ़ानी ही होगी ताकि गांव के लोगों को गांव में ही खेती से जुड़े रोज़गार मिल सकें|







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