नई दिल्ली:लोकसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,यह बजट नीतियों पर आधारित है। हमने अर्थव्यवस्था को खोला और कई सुधार किए। भाजपा ने लगातार भारत, भारतीय व्यवसाय और अर्थव्यवस्था की मजबूती पर विश्वास किया। यह जनसंघ से लेकर अभी तक चल रहा है। भारतीय उद्यम जिस सम्मान के हकदार थे हमने वह दिया|
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'सवाल था कि आपने खेती के बजट को 10 हजार करोड़ क्यों कम किया? आपको किसानों की चिंता नहीं है? इसे ठीक से नहीं समझा गया क्योंकि पीएम किसान सम्मान योजना के शुरू होने से लेकर 10.75 करोड़ किसानों के बैंक खातो में 1.15 लाख करोड़ ट्रांसफर किया गया|
सीतारमण ने कहा,'2013-14 में राजस्व के तहत 1,16,931 करोड़ रुपये , पूंजी के तहत 86,741 करोड़ और 44,500 करोड़ रुपये पेंशन के तहत आवंटित किए गए थे। अब राजस्व के तहत 2,09,319 करोड़, पूंजी के तहत 1,13,734 करोड़ और पेंशन के तहत 1,33,825 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं|
उन्होंने कहा,'कांग्रेस क्यों पहले कृषि कानूनों का समर्थन करती थी और अब बदल गई। किसानों को इतना ज्ञान देने वाली कांग्रेस बहुत से राज्यों में चुनाव जीतने के लिए कहती थी कि हम कृषि लोन देंगे लेकिन मध्य प्रदेश में यह लागू नहीं हुआ। कांग्रेस ने वोट लिया और किसानों को गुमराह किया|कांग्रेस ने राजस्थान, मंध्य प्रदेश और छतीसगढ़ में कर्ज माफी नहीं किया। उम्मीद थी कि कांग्रेस ने इस पर बयान देगी लेकिन नहीं दिया। उम्मीद थी कि कांग्रेस पराली के विषय पर पंजाब में कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों को कुछ राहत दिलाएगी मगर ये भी नहीं किया|
उन्होंने कहा,उम्मीद थी की हमारे तीन कानूनों में से कम से कम एक बिंदु निकालकर वे बोलें कि इसकी वजह से किसानों को नुकसान होगा मगर यह भी नहीं हुआ। कांग्रेस बोल सकती थी कि हम दो हमारे दो में दामाद को आदेश देकर आए हैं कि जमीन वापस करो लेकिन वह भी नहीं किया|सीतारमण ने कहा, तीनों कृषि कानून आने के बाद APMC देश भर में कहीं भी बंद हुआ है क्या? कहीं भी बंद नहीं हुआ। मैं पूछ रही हूं कि यह साबित करें कि कहीं भी अगर एक भी APMC मंडी बंद हुई हो। हम APMC का ढांचा बढ़ाने के लिए राज्यों को फंड भी दे रहे हैं|
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,,''क्रोनीज कहाँ हैं? वे शायद उस पार्टी के साये में छिपे हैं जिसे लोगों ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह गरीबों, किसानों का बजट है| हमारे क्रोनीज कौन हैं? हमारे क्रोनीज (मित्र) इस देश की आम 'जनता' हैं| गरीब लोग और देश की आम जनता सरकार के ‘‘मित्र'' है और वह उन्हीं के लिए काम करती है|