नई दिल्ली: दिल्ली में इजराइल दूतावास के बाहर शुक्रवार को ब्लास्ट को लेकर इजरायल के राजदूत रॉन मलका ने कहा कि अभी हमें लगता है कि ये एक आतंकवादी हमला है, जिसका निशाना इजरायल दूतावास था| इजराइल दूतावास के बाहर धमाका मामले में इजरायल के राजदूत रॉन मलका ने कहा है कि जांच चल रही है, घटनास्थल से सभी सबूत जुटाए जा रहे हैं। भारत और इजरायल के अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। अभी हमें लगता है कि ये एक आतंकवादी हमला है, जिसका निशाना इजरायली दूतावास था| सौभाग्य से किसी को चोट नहीं आई|
इजरायल के राजदूत रॉन मलका ने कहा कि,''कल जब ये हमला हुआ तब हमने भारत और इजराइल के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 29वीं वर्षगांठ मनाई। तो हो सकता है कि ये सिर्फ एक इत्तेफाक ना हो। सभी विकल्पों की जांच की जा रही है| हमें पूरा भरोसा है कि भारतीय अधिकारी भारत में इजराइल के प्रतिनिधियों की रक्षा करने के लिए जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी वो कदम उठाएंगे और इसके लिए जो लोग ज़िम्मेदार है उन्हें ढूढेंगे|
2012 में विस्फोट घटना और 29 जनवरी 2021 के बीच लिंक की संभावना पर रॉन मलका ने कहा कि,''2012 में, दूतावास से दूर दिल्ली में इजरायली राजनयिकों पर आतंकी हमला हुआ था। यह जुड़ा हो सकता है, एक पैटर्न हो सकता है। हम जांच कर रहे हैं और यह विकल्पों में से एक है|
बता दें,''एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर ही 2012 में भी इस्रायली दूतावास की कार को निशाना बनाया गया था। तब 13 फरवरी को प्रधानमंत्री आवास के पास चौराहे पर दूतावास की कार में स्टिक बम से धमाका किया गया था। कार में मौजूद राजनयिक की पत्नी समेत चार लोग मामूली घायल हो गए थे। धमाके के पीछे ईरान का हाथ माना गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसमें एक पत्रकार समेत कई लोगों को पकड़ा था।
वही आज शनिवार को,''नई दिल्ली में इजराइल दूतावास के पास ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की जांच के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की एक टीम तैनात की जा रही है। टीम जल्द घटनास्थल पर जाएगी। इस्रायली दूतावास के पास ब्लास्ट साइट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम पहुंची है। यहां वह धमाके वाले स्थल पर जांच कर जरूरी सबूत जुटा रहे हैं।
राजधानी में शुक्रवार शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले वीआईपी लुटियन जोन में एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर इस्रायली दूतावास के पास एक बम विस्फोट हो गया। गणतंत्र दिवस के कारण घोषित हाई अलर्ट के बीच शाम 5.05 बजे दूतावास से महज 150 मीटर दूर जिंदल हाउस के सामने हुए धमाके में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन आसपास खड़ी तीन कारों के शीशे टूट गए। पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
इस्राइल एंबेसी के पास हुए धमाके की जांच कर रही टीम के सूत्रों से जानकारी मिली है कि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है जिसमें एक कैब से दो व्यक्ति उतरते दिख रहे हैं। ये इस्रायली दूतावास के पास उस जगह की तरफ जाते दिख रहे है जहां कल धमाका हुआ। कैब ड्राइवर से संपर्क किया गया है और स्कैच बनवाए जा रहे हैं।
धमाके के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तत्काल इस्राइल के विदेश मंत्री गाबी अश्केनजी से धमाके को लेकर बात की और उन्हें कड़ी सुरक्षा का आश्वासन दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने भी अपने इस्रायली एनएसए से बात कर उन्हें घटना की जानकारी दी। इस्रायली दूतावास ने धमाके से अपने यहां किसी तरह का नुकसान नहीं होने की बात कही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आईबी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से घटना की जानकारी ली।
देर रात तक दिल्ली पुलिस का बम स्क्वॉयड, स्पेशल सेल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी व अन्य एजेंसियों के अधिकारी मौके पर जांच कर रहे थे। बम स्क्वॉयड ने किसी अन्य बम की संभावना के चलते पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। एपीजे अब्दुल कलाम रोड को बंद करते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
फोरेंसिक टीम ने ने धमाके में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की जानकारी लेने के लिए सैंपल एकत्र किए हैं। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में एक चलती कार से किसी व्यक्ति को सड़क किनारे रखे फूलदान में पैकेट फेंकते हुए देखा गया है। कार मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों ने धमाके में आईईडी के इस्तेमाल की भी संभावना जताई है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने बताया कि धमाके के बाद इस्रायली दूतावास से एक व्यक्ति निकला और घटनास्थल का वीडियो बनाने के साथ फोटो भी खींचे। इसके बाद करीब 5.11 बजे सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी गई। दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मित्तल ने कहा कि धमाका बहुत कम तीव्रता वाला था। इसमें कोई घायल नहीं हुआ है। सिर्फ तीन कारों के शीशे टूटे हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, किसी शरारती तत्व ने सनसनी फैलाने की नीयत से यह धमाका किया है।
धमाके के बाद हाई अलर्ट जारी करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने राजधानी में सभी एयरपोर्ट, परमाणु संस्थानों और केंद्र सरकार के भवनों समेत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जगहों की सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके अलावा देश में अन्य जगह भी अहम जगहों की सुरक्षा व्यवस्था में लगी सीआईएसएफ यूनिटों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
इस्रायली दूतावास विजय चौक से महज दो किलोमीटर दूर है, जहां धमाके के समय राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत देश के तमाम वीआईपी बीटिंग रिट्रीट समारोह में मौजूद थे। इसके बावजूद धमाका अंजाम दिए जाने को सुरक्षा में भारी चूक माना जा रहा है।