नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में रामनाथपुरम-थुथुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन राष्ट्र को समर्पित की| इसे 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागापट्टनम में कावेरी बेसिन रिफाइनरी की आधारशिला रखी, जो लगभग 31,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की जाएगी, जिसकी क्षमता 90 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी| इसके अलावा उन्होंने चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल), मनाली में गैसोलीन डीसल्फराइजेशन यूनिट राष्ट्र को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम यहां केवल तमिलनाडु के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण तेल और गैस परियोजनाओं की शुरुआत कर रहे हैं|2019-20 में, भारत ने अपनी घरेलू मांगों को पूरा करने के लिए 85% तेल और 53% गैस का आयात किया है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के स्रोतों की दिशा में काम करना और ऊर्जा-निर्भरता को कम करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है| हमारी सरकार मध्यम वर्ग की दिक्कतों के प्रति संवेदनशील है और भारत अब किसानों और उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए इथेनॉल पर फोकस कर रहा है|
प्रधानमंत्री ने कहा,''लगभग 65.2 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया गया है। यह संख्या और भी बढ़ने की उम्मीद है। हमारी कंपनियों ने गुणवत्ता वाले तेल और गैस परिसंपत्तियों के अधिग्रहण में विदेशों में निवेश किया है| हमने पांच वर्षों में तेल और गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। 470 जिलों को कवर करते हुए शहर के गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया गया है|पहल और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी हमारी उपभोक्ता केंद्रित योजनाओं से हर भारतीय परिवार को मदद मिल रही है|