नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से योग को बढ़ावा देने के लिए एआई बेस्ड पास्चर रिकॉग्नाइजर आईकॉग्निटो के इनोवेटर्स के साथ बातचीत किया। पीएम ने Toycathon2021 के प्रतिभागियों के साथ बातचीत की और टीम 'हेरिटेज रेस' द्वारा बनाए गए गेम में बच्चों के शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए उनकी सराहना किया। यह एक डिजिटल गेम है जो भारतीय हेरिटेज स्थलों को बढ़ावा देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Toycathon2021 में टीम 'Makersclan' को एक शैक्षिक बोर्ड गेम विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। पीएम ने सलाह दिया कि चूंकि बोर्ड गेम में मैप रीडिंग शामिल है, इसलिए यह तकनीक भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए उपयोगी हो सकती है।
पीएम ने प्रतिभागियों से पूछा कि उन्हें 'क्रीड़ाव्यूह' बनाने के लिए किस चीज ने प्रेरित किया? इसका जवाब टीम ने दिया कि 'उनकी मुख्य प्रेरणा एक ऐसा खेल विकसित करना था जो खिलाड़ी को कभी हार न मानने, पूरा नॉलेज रखना और नेतृत्व करना सिखाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Toycathon2021 के प्रतिभागियों के साथ बातचीत की, आज के बच्चों के बीच भारत के पुराने खेल के फिर से निर्माण के लिए 'बाग चाल' टीम की प्रशंसा किया और कहा कि यह जानवरों और पक्षियों की देखभाल करने और उनके जीवन को बचाने की संस्कृति को विकसित करेगा।
प्रधानमंत्री ने Toycathon2021 के प्रतिभागियों के साथ बातचीत की, उन्होंने Svians नोडल सेंटर, JBIT देहरादून की टीम द्वारा बनाए गए 'ट्रिग्नोमेट्री बोर्ड गेम' की प्रशंसा की। इस बोर्ड गेम का उद्देश्य मजेदार तरीके से त्रिकोणमिति को बढ़ावा देना है। आरोग्य नोडल सेंटर, जेबीआईटी देहरादून की टीम द्वारा बनाए गए 'बोर्ड गेम' की सराहना किया। यह गेम 'सर्वे भवन्तु सुखिन:' की भावना को आत्मसात करता है।
खिलौने और खेल हमारी मानसिक शक्ति, सृजनात्मकता, अर्थव्यवस्था और ऐसे अनेक पहलुओं को प्रभावित करते हैं, इसलिए इन विषयों की बात भी उतनी ही आवश्यक है| सस्ता डेटा और इंटरनेट में आयी तेजी आज गांव-गांव तक देश को डिजिटली कनेक्ट कर रही है। ऐसे में फिजिकल खेल और खिलौने के साथ वर्चुअल, डिजिटल, ऑनलाइन गेमिंग में भी भारत की संभावना तेजी से बढ़ रही है|
बीते 5-6 वर्षों में हैकाथॉन को देश की समस्याओं के समाधान का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इसके पीछे की सोच है- देश के सामर्थ्य को संगठित करना, उसे एक माध्यम देना। कोशिश ये है कि देश की चुनौतियों और समाधान से हमारे नौजवान का सीधा कनेक्ट हो| बच्चे की पहली पाठशाला अगर परिवार होता है तो, पहली किताब और पहले दोस्त, ये खिलौने ही होते हैं। समाज के साथ बच्चे का पहला संवाद इन्हीं खिलौनों के माध्यम से होता है: PM
खिलौनों से जुड़ा एक और बहुत बड़ा पक्ष है, जिसे हर एक को जानने की जरूरत है। ये है Toys और Gaming की दुनिया की अर्थव्यवस्था- Toyconomy| Global Toy Market करीब 100 बिलियन डॉलर का है। इसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ डेढ़ बिलियन डॉलर के आसपास ही है। आज हम अपनी आवश्यकता के भी लगभग 80 प्रतिशत खिलौने आयात करते हैं। यानि इन पर देश का करोड़ों रुपए बाहर जा रहा है। इस स्थिति को बदलना बहुत ज़रूरी है: PM
जितने भी ऑनलाइन या डिजिटल गेम्स आज मार्केट में उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकतर का कॉन्सेप्ट भारतीय नहीं है। आप भी जानते हैं कि इसमें अनेक गेम्स के कॉन्सेप्ट या तो Violence को प्रमोट करते हैं या फिर Mental Stress का कारण बनते हैं| भारत के वर्तमान सामर्थ्य को, भारत की कला-संस्कृति को, भारत के समाज को आज दुनिया ज्यादा बेहतर तरीके से समझना चाहती है। इसमें हमारी Toys और Gaming Industry बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है: PM
हमारा फोकस ऐसे Toys और Games का निर्माण करने पर भी हो, जो हमारी युवा पीढ़ी को भारतीयता के हर पहलू को रोचक तरीके से बताए। हमारे Toys और Games, entertain भी करें Engage भ करें और Educate भी करें, ये हमें सुनिश्चित करना है।