नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि कोरोना वायरस महामारी पूरे देश ने झेली, लेकिन गरीब एवं मध्य वर्ग के लोग नरेंद्र मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी’ के भी शिकार हुए। राहुल गांधी ने एक खबर हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘कोविड महामारी पूरे देश ने झेली लेकिन ग़रीब वर्ग व मध्यम वर्ग मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी’ के भी शिकार हैं। अमीर-ग़रीब के बीच बढ़ती ये खाई खोदने का श्रेय केंद्र सरकार को जाता है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जो खबर साझा की, उसमें एक ताजा अध्ययन के हवाला से कहा गया है कि गत पांच वर्षों में सबसे गरीब 20 प्रतिशत भारतीय परिवारों की सालाना घरेलू आय करीब 53 प्रतिशत कम हो गई। इसी तरह निम्न मध्यम वर्ग के 20 प्रतिशत लोगों की घरेलू आय भी 32 प्रतिशत घट गई।
इस खबर के अनुसार, गत पांच वर्षों के दौरान देश के सबसे अमीर 20 प्रतिशत लोगों की आय 39 प्रतिशत बढ़ गई। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस खबर को लेकर ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार सिर्फ़ अमीरों के लिए है! यह अब सामने है – गरीब और गरीब – ‘हम दो हमारे दो’ की चांदी। पिछले 5 साल में – सबसे गरीब लोगों की आय 53 प्रतिशत कम, निम्न मध्यम वर्ग की आय 32 प्रतिशत कम, अमीरों की आय 39 प्रतिशत बढ़ी। गरीब-मध्यम वर्ग पर मार, मोदी सरकार है अमीरों की सरकार!’’
बता दें कि,''भारत में कोरोना काल में गरीबों की आमदनी (Income of poorest) 53% तक घटी है| जबकि अमीरों की आमदनी 39% बढ़ी है| आर्थिक उदारीकरण के बाद से सबसे गरीब 20 प्रतिशत भारतीय परिवारों की वार्षिक आय, 1995 के बाद से लगातार बढ़ रही थी, लेकिन कोरोना के दौरान में यानि कि वर्ष 2020-21 में 2015-16 की तुलना में इसमें 53 प्रतिशत की कमी आई है| वहीं इन पांच सालों के दौरान, सबसे अमीर 20% लोगों की घरेलू इनकम में 39% की वृद्धि देखी गई| वहीं लोवर मिडिल क्लास लोगों की घरेलू आय में भी 32% की गिरावट देखी गई| जबकि मिडिल क्लास के लोगों की इनकम 2% घटी|
इस सर्वे के मुताबिक सबसे अमीर 20 फीसदी लोगों की आय 1995 में कुल घरेलू आय का 50.2 फीसदी थी, वहीं 2021 में उनका हिस्सा बढ़कर 56.3 फीसदी हो गया| वहीं इसी दौरान सबसे गरीब 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी 5.9 प्रतिशत से गिरकर 3.3 फीसदी हो गई| शहर में रहनेवाले लोग गांवों की तुलना में अधिक प्रभावित हुए हैं| उनकी इनकम इस दौर में खत्म हो गई| मुंबई स्थित थिंक-टैंक, पीपुल्स रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी के ICE360 सर्वे 2021 के सर्वे में ये बात निकलकर आई हैं|