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23 अगस्त 2026

आम बजट 2021-22 पर प्रधानमंत्री का बयान: आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर नागरिक, हर वर्ग का समावेश भी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2021-22 की प्रशंसा की है और कहा है कि ये बजट कोरोना वायरस संक्रमण के काल में आत्मनिर्भर भारत का विजन है| पीएम ने कहा कि,''वर्ष 2021 का बजट असाधारण परिस्थित…

आम बजट 2021-22 पर प्रधानमंत्री का बयान: आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर नागरिक, हर वर्ग का समावेश भी
आम बजट 2021-22 पर प्रधानमंत्री का बयान: आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर नागरिक, हर वर्ग का समावेश भी | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने बजट 2021-22 की प्रशंसा की है और कहा है कि ये बजट कोरोना वायरस संक्रमण के काल में आत्मनिर्भर भारत का विजन है| पीएम ने कहा कि,''वर्ष 2021 का बजट असाधारण परिस्थितियों के बीच पेश किया गया है। इसमें यथार्थ का ऐहसास भी और विकास का विश्वास भी है। कोरोना ने दुनिया में जो प्रभाव पैदा किया, उसने पूरी मानव जाति को हिलाकर रख दिया है। इन परिस्थितियों के बीच, आज का बजट भारत के आत्मविश्वास को उजागर करने वाला है। और साथ ही दुनिया में एक नया आत्मविश्वास भरने वाला है।




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर नागरिक, हर वर्ग का समावेश भी है। हम इस बजट में जिन सिद्धांतों को लेकर चले हैं, वो हैं- ग्रोथ के लिए नए अवसरों, नई संभावनाओं का विस्तार करना, युवाओं के लिए नए अवसरों का निर्माण करना। मानव संसाधन को एक नया आयाम देना। इनफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए नए नए क्षेत्रों को विकसित करना, आधुनिकता की तरफ आगे बढ़ना, नए सुधार लाना।




मोदी ने कहा कि,'नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आम लोगों के जीवन में ‘ease of living’ को बढ़ाने पर इस बजट में जोर दिया गया है। ये बजट individuals, investors, industry और साथ ही Infrastructure sector में बहुत सकारात्मक बदलाव लाएगा। मैं इसके लिए देश की वित्‍तमंत्री निर्मला जी को और उनके साथी मंत्री, अनुराग जी और उनकी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।




प्रधानमंत्री ने कहा कि,''ऐसे बजट देखने को कम ही मिलते हैं जिसमें शुरू के एक दो घंटों में ही इतने सकारात्मक रिस्पॉन्सेस आएं। कोरोना के चलते कई एक्सपर्ट ये मानकर चल रहे थे सरकार आम नागरिकों पर बोझ बढ़ाएगी। लेकिन फिस्कल सस्टे-नेबिलिटी के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट साइज बढ़ाने पर जोर दिया। हमारी सरकार ने निरंतर प्रयास किया है कि बजट ट्रांसपेरेंट होना चाहिए। मुझे खुशी है कि आज अनेक विद्वानों ने इस बजट की ट्रांसपेरेंसी की सराहना की है।




साथियों,

भारत, कोरोना की लड़ाई में रीएक्टिव होने के स्थान पर हमेशा ही प्रो-एक्टिव रहा है। चाहे वों कोरोना काल में किए गए रीफॉर्म्स हों या फिर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प हों। इसी प्रोएक्टिवनेस को बढ़ाते हुए आज के बजट में भी रीएक्टिविटी का नामोनिशान नहीं है। साथ ही, हम एक्टिव पर भी अटके नहीं है और हमने इस बजट में भी प्रो-एक्टिव बजट देकर देश के सामने प्रो-एक्टिव होने का संदेश दिया है। ये बजट उन सेक्टर्स पर विशेष रूप से केन्द्रित है जिनसे वेल्थ और वेलनेस, दोनों ही तेज गति से बढ़ेंगे - जान भी, जहान भी। इसमें MSMEs और infrastructure पर विशेष रूप से ज़ोर दिया गया है। 




इसी तरह, ये बजट जिस तरह से healthcare पर केन्द्रित है, वो भी अभूतपूर्व है। ये बजट देश के हर क्षेत्र में विकास, यानी all round development की बात करता है। खास तौर पर, मुझे खुशी है कि इस बजट में दक्षिण के हमारे राज्यों, पूर्वोत्तर के हमारे राज्यों और उत्‍तर में लेह लद्दाख जैसे क्षेत्रों में विकास पर विशेष ध्यान दिया है। ये बजट भारत के कोस्टल स्टेट्स जैसे तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल को एक बिजनेस पावर हाउस बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नॉर्थ ईस्ट के राज्य, जैसे असम के Unexplored potential को टैप करने में ये बजट बहुत बड़ी मदद करेगा। इस बजट में जिस तरह से रिसर्च एंड इनोवेशन ecosystem पर बल दिया गया है, जो प्रावधान किए गए हैं, उनसे हमारे युवाओं को ताकत मिलेगी, भारत उज्‍ज्‍वल भविष्‍य के लिए बहुत ठोस कदम रखेगा।



साथियों,

देश के सामान्य मानवी का, महिलाओं का जीवन आसान बनाने के लिए उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, शुद्ध जल और अवसरों की समानता पर इस बजट में विशेष बल दिया गया है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ-साथ कई व्यवस्था-गत सुधार किए गए हैं जिसका बहुत बड़ा फायदा देश में ग्रोथ और जॉब क्रिएशन, रोजगार के लिए बहुत लाभ होगा। 



देश में एग्रीकल्चर सेक्टर को मजबूती देने के लिए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए, इस पर बजट में बहुत जोर दिया गया है, कई प्रावधान किए गए हैं। एग्रीकल्चर सेक्टर में किसानों को और आसानी से, और ज्यादा ऋण मिल सकेगा। देश की मंडियों को यानि APMC को और मजबूत करने के लिए, सशक्त करने के लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से मदद का प्रावधान किया गया है। ये सब निर्णय, ये दिखाते हैं कि इस बजट के दिल में गांव है, हमारे किसान हैं। MSME सेक्टर को गति देने के लिए, रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए, इस बार MSME सेक्टर का बजट भी पिछले साल की तुलना में, दोगुने से ज्यादा कर दिया गया है।




साथियों,

ये बजट आत्मनिर्भरता के उस रास्ते को लेकर आगे बढ़ा है, जिसमें देश के हर नागरिक की प्रगति शामिल है। ये बजट, इस दशक की शुरुआत की एक मजबूत नींव रखने वाला है। सभी देशवासियों को, आत्मनिर्भर भारत के इस म??त्‍वपूर्ण बजट के लिए मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। फ‍िर से एक बार वित्‍त मंत्री जी और उनकी टीम को बहुत-बहुत अभिनन्‍दन करता हूं, धन्‍यवाद करता हूं।





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 1 फ़रवरी 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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