नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को अंतरिम राहत देते हुए मंगलवार को निर्देश दिया कि 26 मई को टेलीविजन चैनल पर बहस के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर उनकी टिप्पणी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज 9 एफआईआर में उनके खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा उनकी संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाने और पूरे भारत में उनके खिलाफ दर्ज नौ मामलों को एक जगह की याचिका पर सुनवाई की|
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नूपुर शर्मा की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि उनकी (नूपुर शर्मा) जान को गंभीर खतरा है। सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा की याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, नूपुर शर्मा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर की याचिका पर दिल्ली पुलिस, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना आदि को नोटिस जारी कर 10 अगस्त तक जवाब मांगा है भविष्य में अगर उनके बयान (पैगम्बर) को लेकर दिए गए बयान को लेकर कोई नई FIR दर्ज होती है तो भी नूपुर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी|
नूपुर शर्मा एक पार्टी की प्रवक्ता हैं और सत्ता उनके सिर पर चढ़ गई है: SC