नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में 29 दिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। कृषि कानूनों पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मार्च निकालने और राष्ट्रपति से मुलाकात करने की कांग्रेस की कोशिशों के दौरान गुरुवार को प्रियंका गांधी सहित कई पार्टी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया|
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कृषि कानूनों पर बोलते हुए कहा कि जो भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़ा होगा, उसे आतंकवादी बताया जाएगा, फिर वो मोहन भागवत ही क्यों ना हो। राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 'भारत में अब लोकतंत्र नहीं रह गया है, अगर आपको लगता है कि यह है, तो यह अब बस आपकी कल्पनाओं में रह गया है|
राहुल गांधी ने कहा कि,भाजपा और नरेंद्र मोदी जी का एक ही लक्ष्य है और वो लक्ष्य किसान और मजदूर समझ गया है। लक्ष्य यह है कि उनके आस-पास दो-चार जो पूंजीपति हैं उनके लिए पैसे बनाने का काम मोदी जी करते हैं| राहुल गांधी ने कहा कि,जो भी नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ खड़े होते हैं वो उनके बारे में कुछ न कुछ गलत बोलते रहते हैं। किसान और मजदूर खड़े हो जाते हैं तो उन्हें आतंकवादी कहते हैं| जो भी नरेंद्र मोदी जी से सत्ता लेने की कोशिश करेगा वो आतंकवादी है। नरेंद्र मोदी जी बस दो से तीन अपने घनिष्ठ पूंजीपति मित्रों के लिए काम करते हैं, जिनको उन्होंने पूरा का पूरा हिंदुस्तान पकड़ा दिया है|
राहुल गांधी ने कहा कि,''हमारे देश की कृषि प्रणाली में आज तक किसान और मजदूर ने निवेश किया है। हमारे जवान और जो सेना बार्डर पर खड़ी है, उनके माता-पिता ने किया है। निवेश ये लोग करते हैं और लाभ केवल दो-तीन उद्योगपतियों को मिलता है|
चीन हमारे बार्डर पर बैठा है। चीन ने हिंदुस्तान की हजारों किलोमीटर जमीन छीन ली है। प्रधानमंत्री उस बारे में क्यों कुछ नहीं कहते? चुप क्यों हैं?..एक तरफ आप अपने सिस्टम को तोड़ रहे हो, अपने लोगों को लड़ा रहे हो, आप अपने किसान-मजदूर को मार रहे हो और दूसरी तरफ दूसरे देश कह रहे हैं कि "नरेंद्र मोदी हमारे देश को कमजोर कर रहे हैं"|
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि,''गिरफ्तार करना, मारना-पीटना ये सब इनका तरीका है। भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है। भारत में लोकतंत्र आपकी कल्पना में हो सकता है लेकिन वास्तविकता में नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि,सरकार ने कहा था कि ये कानून किसान के फायदे के लिए हैं। देश को यह दिख रहा है कि किसान इन क़ानूनों के खिलाफ खड़ा हुआ है और मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूँ कि ये किसान हटेगा नहीं| हम सब और विपक्ष की सभी पार्टियां किसानों और मजदूरों के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे। जिस प्रकार से ये कानून पास किए गए वो भी गलत है। बिना डिबेट किए, बिना किसानों और मजदूरों से चर्चा किए ये कानून ऊपर से थोप दिए गए हैं |
राहुल गांधी किसानों के आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के साथ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाल रहे थे| इस दौरान पहले उनके मार्च को पुलिस ने रोक दिया था, फिर प्रियंका गांधी सहित पार्टी के 50-60 नेताओं को हिरासत में ले लिया गया| कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में तीन नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा और कृषि कानूनों का वापस लेने की मांग की|कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आज़ाद ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति को 2 करोड़ हस्ताक्षर का ज्ञापन ज्ञापन सौंपा|