नई दिल्ली: राजस्थान में 18 महीने पुरानी अशोक गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पूनिया का कहना है कि अब सचिन पायलट भाजपा में हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने गलती सुधारते हुए कहा कि मेरी जुबान फिसल गई थी| पुनिया ने कहा कि,'' उन्होंने गलती से सिंधिया की जगह सचिन पायलट का नाम ले लिया है|
बता दें कि,''छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा,सचिन पायलट अब भारतीय जनता पार्टी में हैं। और बीजेपी का कांग्रेस पार्टी के प्रति क्या रवैया रहता है ये सभी को पता है। हमें भाजपा से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस पार्टी में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है|
दरअसल,''कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के प्रभारी पी एल पुनिया से जब पूछा गया कि कल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करके कहा कि सचिन पायलट की कांग्रेस में उपेक्षा हो रही है,'' इस पर पीएल पुनिया ने कहा, "सचिन पायलट जी अब भारतीय जनता पार्टी में हैं और बीजेपी का कांग्रेस के प्रति क्या रुख है ये सभी को जाहिर है| हमें उनसे सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है| कांग्रेस पार्टी में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान होता है|
इसके कुछ देर बाद कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने सफाई दी| पीएल पुनिया ने कहा,''मुझसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान पर प्रतिक्रिया के लिए पूछा गया था जिसके जवाब में मेरे मुंह से सचिन पायलट का नाम निकल गया|गलती पर पछतावा है| उन्होंने ट्वीट कर कहा, वीडियो में मुझसे सिंधिया जी के बारे में सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब उन्हीं को लेकर था। गलती से मैंने सिंधिया की जगह सचिन पायलट का नाम ले लिया। गलती पर पछतावा है।
वहीं इससे पहले तमाम अटकलबाजियों पर विराम लगाते हुए सचिन पाय़लट ने साफ कर दिया कि वह बीजेपी में शामिल नहीं होंगे| सूत्रों ने दावा किया था सचिन पायलट के पास कई विधायकों का समर्थन है और वह बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं| इसके बाद से ही कयासों का दौर तेज हो चला था| जिस पर खुद सचिन पायलट ने विराम लगा दिया है| उन्होंने कहा कि वह बीजेपी में शामिल नहीं होंगे|