नई दिल्ली: तीन कृषि कानूनों (Three Farm laws) के विरोध में बीजेपी की सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (Rashtriya Loktantrik Party) ने एनडीए (National Democratic Alliance) से नाता तोड़ लिया हैं| भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने कृषि कानून को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से नाता तोड़ लिया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने शनिवार शाम को एलान किया कि,''मेरी पार्टी तीन कृषि कानूनों के विरोध में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) छोड़ दिया है| आरएलपी के संयोजक और राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने हजारों किसानों की उपस्थिति में अलवर जिले में शाहजहांपुर-खेड़ा सीमा पर अपनी पार्टी के एनडीए से अलग होने की घोषणा की।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा,''मैंने तीन कृषि कानूनों के विरोध में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) छोड़ दिया है| केंद्र सरकार कृषि बिलों को वापिस न लेने पर अड़ी हुई है। ये तीनों बिल किसानों के खिलाफ हैं इसीलिए मैंने NDA छोड़ दी है, परन्तु कांग्रेस के साथ किसी प्रकार का गठबंधन नहीं करूंगा|
कुछ देर पहले हनुमान बेनीवाल ने कहा था,''हमारा विरोध यही है कि तीनों कृषि कानूनों को वापिस लिया जाए। मैंने लोकसभा की तीनों कमेटियों से इस्तीफा दे दिया है। आवश्यकता पड़ी तो NDA छोड़ने का ऐलान करूंगा, आवश्यकता पड़ी तो लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दूंगा|बेनीवाल ने कहा था,लगभग 2 लाख किसान मेरे साथ दिल्ली के लिए मार्च कर रहे हैं और इस दौरान हम एनडीए के साथ हमारे गठबंधन के बारे में भी निर्णय लेंगे। यदि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते हैं, तो हम एनडीए के साथ अलग होने की घोषणा करेंगे।"