नई दिल्ली: राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा,'हमारे अन्नदाता गत एक माह से केंद्र सरकार के कुचक्र व अत्याचारों का सामना करते हुए अपने स्वाभिमान व अधिकारों की रक्षा के लिए सत्य एवं न्याय के मार्ग पर दृढ़संकल्प के साथ संघर्ष कर रहे हैं परंतु हठ और अहंकार में चूर भाजपा सरकार किसानों की पीड़ा समझने में पूर्णतः असमर्थ है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा,''केंद्र सरकार को अलोकतांत्रिक प्रक्रिया द्वारा पारित कृषि विरोधी कानून को रद्द करना चाहिए तथा असत्य व अनीति का मार्ग त्याग कर कड़कड़ाती ठंड में संघर्ष कर रहे किसान भाइयों को उनके अधिकार देकर अन्नदाता के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
सचिन पायलट ने कहा,''गत एक माह से हमारे अन्नदाताओं पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध भाजपा के सहयोगी दल भी उनका साथ छोड़ रहे हैं। केंद्र सरकार को अपनी आंखों पर बंधी हठ व अहंकार की पट्टी उतार कर सत्य का सामना करना चाहिए तथा अन्नदाताओं को उनके अधिकार लौटा कर मानवता का परिचय देना चाहिए।
शुक्रवार सचिन पायलट ने कहा था''राज्य सरकारों व किसान संगठनों से बिना कोई चर्चा किए केंद्र सरकार ने ये जो तीन कृषि विरोधी कानून पारित किए हैं उनके लिए अब भाजपा लोगों को साधने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार को ये पाखंड और झूठ-फरेब की राजनीति बंद करके किसानों की बात सुननी चाहिए।इस कोरोना काल में केंद्र सरकार ने किसानों की अनदेखी करते हुए तीन कृषि विरोधी कानून पास करके देश के सामने जो चुनौतियां खड़ी की हैं, उन चुनौतियों का आज पूरा देश सामना कर रहा है।