मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की रद्द की जमानत, एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश

नई दिल्ली: तीन अक्टूबर 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की| सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंस…

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की रद्द की जमानत, एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की रद्द की जमानत, एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: तीन अक्टूबर 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा मामला:  सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की| सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की और एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।इस मामले में आशीष मिश्रा को जमानत देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है| सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।



  सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "पीड़ितों की सुनवाई से इनकार करना और हाईकोर्ट द्वारा दिखाई गई जल्दबाजी जमानत आदेश को रद्द करने के योग्य है ... आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।"कोर्ट ने कहा कि पीड़ितों को जमानत की सुनवाई सहित सभी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है।सुप्रीम कोर्ट ने तथ्यात्मक योग्यता में प्रवेश करने के लिए भी हाईकोर्ट की आलोचना की, जो ट्रायल का विषय हैं।



चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की विशेष पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने कई अप्रासंगिक कारकों पर विचार किया और पीड़ितों को याचिका का विरोध करने के लिए पर्याप्त समय दिए बगैर आदेश पारित करने में जल्दबाजी दिखाई। शीर्ष अदालत ने आशीष मिश्रा को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से इस मामले पर नए सिरे से विचार करने के लिए भी कहा है। 



पीड़ितों की ओर से जगजीत सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि पीड़ित पक्ष को प्रभावी सुनवाई से वंचित कर दिया गया था जबकि उनके पास कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार था। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने न्यायिक मिसालों की अनदेखी की और अभियोजन की कहानी में छेद करने के लिए प्राथमिकी की सामग्री पर बहुत अधिक भरोसा किया और जमानत दी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्राथमिकी में दावों के विपरीत मृतक को गोली लगने से कोई चोट नहीं थी, यह इंगित करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का उल्लेख किया था। 



सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में हाईकोर्ट के आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता। पीड़ितों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने पीठ से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले पर नए सिरे से विचार करने के लिए पूर्व पीठ के समक्ष मामला नहीं रखने का अनुरोध करने को कहा। हालांकि पीठ ने ऐसा कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। 


https://www.thevirallines.net/india-news-priyanka-gandhi-demanded-dismissal-of-mos-home-ajay-mishra-teni-after-the-sit-probe-in-lakhimpur-kheri-case-revealed-the-matter-of-conspiracy-to-murder


भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने इलाहाबाद के 10 फरवरी के आदेश को चुनौती देते हुए लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका में निर्देश जारी किया। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। 



https://www.thevirallines.net/uttar-pradesh-news-pre-planned-conspiracy-sit-probing-lakhimpur-kheri-violence-says-the-incident-was-as-per-a-pre-planned-conspiracy


अदालत ने यह कहते हुए 4 अप्रैल 2022 को अपने आदेश सुरक्षित रख लिए थे कि क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट जमानत याचिका पर फैसला करते समय मामले के गुण-दोष में जा सकता था। पीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य से यह भी कहा था कि उसे जमानत आदेश के खिलाफ अपील दायर करनी चाहिए थी, जैसा कि विशेष जांच दल की निगरानी करने वाले न्यायाधीश द्वारा सिफारिश की गई थी।


https://www.thevirallines.net/uttar-pradesh-news-mos-home-ajay-kumar-mishra-teni-hurls-abuses-at-a-journalist-who-asked-a-question-related-his-son-ashish-in-the-lakhimpur-kheri-violence-case



tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 18 अप्रैल 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।