नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हैदराबाद हाउस में बैठक की। पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भारत-बांग्लादेश साझेदारी की समीक्षा करने तथा उसे और मजबूत करने पर चर्चा की| इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की।
भारत और बांग्लादेश के बीच कई अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इस अवसर पर उपस्थित रही।
PM मोदी ने कहा,'पिछले वर्ष हमने बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ, हमारे डिप्लोमैटिक संबंधों की स्वर्ण जयंती, शेख मुजीबुर्रहमान की जन्म शताब्दी एक साथ मनाई थी। मुझे विश्वास है कि अगले 25 साल के अमृत काल में भारत-बांग्लादेश की मित्रता नई ऊंचाईयां छुएगी|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''आज बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा विकास भागीदार है और इस क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। लोगों से लोगों के सहयोग में निरंतर सुधार हो रहा है। हमने IT, अंतरिक्ष और न्यूकिलर एनर्जी जैसे सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने का निश्चय किया|
मोदी ने कहा,'आज हमने कुशियारा नदी से जल बंटवारे पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे भारत में दक्षिणी असम और बांग्लादेश में सिलहट क्षेत्र को लाभ होगा। ऐसी 54 नदियां हैं जो भारत-बांग्लादेश सीमा से गुजरती हैं और सदियों से दोनों देशों के लोगों की आजीविका से जुड़ी रही हैं| ये नदियां इनके बारे में लोक-कहानियां, लोक-गीत, हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत के भी साक्षी रहे हैं|
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा,'मैं भारत लगभग 3 साल के बाद आ रही हूं, मैं भारत का धन्यावाद करती हूं और हमारे बीच आगे एक सकारात्मक प्रस्तावों की अपेक्षा करती हूं| अगले 25 वर्षों के लिए अमृत काल की मैं शुभकामनाएं देती हूं क्योंकि भारत आत्मानिर्भर भारत के लिए किए गए प्रस्तावों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है|
शेख हसीना ने कहा,'मैं PM मोदी जी के नेतृत्व की सराहना करती हूं जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों को अतिरिक्त गति प्रदान करना जारी रखेगा। भारत बांग्लादेश का सबसे महत्वपूर्ण और निकटतम पड़ोसी देश है। भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को पड़ोस की कूटनीति के लिए आदर्श माना जाता है|
- दोनों देशों के बीच हुए समझौतों/समझौता ज्ञापनों की सूची
| क्रम सं. | एमओयू/समझौते का नाम | भारत की ओर से आदान-प्रदान | बांग्लादेश की ओर से आदान-प्रदान |
| 1 | जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार और जल संसाधन मंत्रालय, बांग्लादेश सरकार के बीच सीमा पर बहने वाली कुशियारा नदी से पानी की निकासी के संबंध में भारत और बांग्लादेश के बीच समझौता ज्ञापन। | पंकज कुमार, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय | कबीर बिन अनवर, वरिष्ठ सचिव, जल संसाधन मंत्रालय |
| 2 | भारत में बांग्लादेश रेलवे के कर्मियों के प्रशिक्षण के संबंध में रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), भारत सरकार और रेल मंत्रालय, बांग्लादेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन। | विनय कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड | मुहम्मद इमरान, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त |
| 3 | रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), भारत सरकार और रेल मंत्रालय, बांग्लादेश सरकार के बीच बांग्लादेश रेलवे के लिए एफओआईएस जैसी आईटी प्रणालियों एवं अन्य आईटी अनुप्रयोगों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन। | विनय कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड | मुहम्मद इमरान, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त |
| 4 | बांग्लादेश के न्यायिक अधिकारियों के लिए भारत में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम के संबंध में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भारत और बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के बीच समझौता ज्ञापन। | विक्रम के दोराईस्वामी, बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त | मोहम्मद गुलाम रब्बानी, रजिस्ट्रार जनरल, सुप्रीम कोर्ट, बांग्लादेश |
| 5 | वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), भारत और बांग्लादेश वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (बीसीएसआईआर), बांग्लादेश के बीच वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी संबंधी सहयोग पर समझौता ज्ञापन। | डॉ. एन. कलाइसेल्वी, डीजी सीएसआईआर | डॉ. मोहम्मद आफताब अली शेख, अध्यक्ष, बीसीएसआईआर |
| 6 | अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन | डी. राधाकृष्णन, एनएसआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक | डॉ. शाहजहां महमूद, बीएससीएल के अध्यक्ष और सीईओ |
| 7 | प्रसारण में सहयोग के लिए प्रसार भारती और बांग्लादेश टेलीविजन (बीटीवी) के बीच समझौता ज्ञापन। | मयंक कुमार अग्रवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती | शोहराब हुसैन, महानिदेशक, बीटी |
उद्धाटित/घोषित/अनावृत परियोजनाओं की सूची
1. मैत्री बिजली संयंत्र का अनावरण- रामपाल, खुलना में 1320 (660x2) मेगावाट क्षमता वाले सुपर क्रिटिकल कोयला आधारित ताप बिजली संयंत्र की स्थापना लगभग 2 बिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से की जा रही है, जिसमें 1.6 बिलियन डॉलर की राशि रियायती वित्त पोषण के तहत भारतीय विकास सहायता के रूप में होगी।
2. रूपशा पुल का उद्घाटन- 5.13 किलोमीटर लंबा रूपशा रेल पुल 64.7 किलोमीटर लंबे खुलना-मोंगला बंदरगाह सिंगल ट्रैक ब्रॉड गेज रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पहली बार मोंगला बंदरगाह को रेल माध्यम से खुलना से और उसके बाद मध्य व उत्तर बांग्लादेश तक तथा भारत की सीमा में पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल और गेदे तक को जोड़ता है|
3. सड़क निर्माण संबंधी उपकरण और मशीनरी की आपूर्ति– इस परियोजना के अंतर्गत बांग्लादेश सड़क और राजमार्ग विभाग को 25 पैकेजों में सड़क रख-रखाव और निर्माण उपकरणों व मशीनरी की आपूर्ति शामिल है।
4. खुलना दर्शना रेलवे लाइन लिंक परियोजना- यह परियोजना वर्तमान में गेदे-दर्शना में क्रॉस बॉर्डर रेल लिंक को खुलना से जोड़ने वाली मौजूदा अवसंरचना (ब्रॉड गेज का दोहरीकरण) का उन्नयन है, इस प्रकार दोनों देशों के बीच, विशेष रूप से ढाका तक लेकिन भविष्य में मोंगला पोर्ट के लिए भी रेल संपर्क में वृद्धि होगी। इस परियोजना की लागत 312.48 मिलियन डॉलर आंकी गई है।
5. पार्बतीपुर-कौनिया रेलवे लाइन- मौजूदा मीटर गेज लाइन को दोहरी गेज लाइन में परिवर्तित करने की परियोजना पर 120.41 मिलियन डॉलर की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना बिरोल (बांग्लादेश)-राधिकापुर (पश्चिम बंगाल) में मौजूदा क्रॉस बार्डर रेल से जुड़ेगी और इससे द्विपक्षीय रेल संपर्क में वृद्धि होगी।
भारत हमारा हमेशा से एक अच्छा साथी रहा: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना