नई दिल्ली: 2002 गुजरात दंगा: गुजरात पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया है कि एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की साजिश रची थी। तीस्ता ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार रहे अहमद पटेल से 30 लाख रुपए लिए थे। गुजरात दंगों में तीस्ता के रोल की जांच कर रही SIT ने कोर्ट में दिए हलफनामे में यह बात कही है। बता दें कि, गुजरात SIT ने तीस्ता को 25 जून को मुंबई में उनके घर से गिरफ्तार किया था। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुजरात दंगों के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखने के एक दिन बाद राज्य पुलिस ने सीतलवाड़ को गिरफ्तार कर लिया था|
गुजरात पुलिस की एसआईटी ने कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है| SIT ने अपने एफिडेविट में कहा कि तीस्ता के साथ इस साजिश में उस वक्त गुजरात के DGP रहे आरबी श्रीकुमार और पूर्व IPS संजीव भट्ट भी शामिल थे। इन लोगों ने गुजरात दंगों के बाद नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली राज्य सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची थी।
गुजरात पुलिस की रिपोर्ट पर BJP ने कांग्रेस पर हमला बोला है| BJP नेता संबित पात्रा ने कहा, 'आप सभी जानते हैं कि गुजरात दंगे में जिस प्रकार से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को खराब करने, उन्हें अपमानित करने की चेष्ठा उस समय की रूलिंग राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने की थी और अब समय के साथ धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही है|
संबित पात्रा ने कहा, अहमद पटेल तो बस एक नाम है, जिसकी प्रेरक उनकी बॉस सोनिया गांधी थी। सोनिया गांधी ने अपने मुख्य राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के जरिए गुजरात की छवि खराब करने की कोशिश की। उनके माध्यम से उन्होंने नरेंद्र मोदी का अपमान करने का प्रयास किया|
पात्रा ने कहा,'30 लाख रुपए की पहली किश्त दी, जो सोनिया गांधी जी ने तीस्ता सीतलवाड़ को दिए और ये पैसे अहमद पटेल जी ने पहुंचाए थे और ये तो सिर्फ पहली किश्त थी, इसके बाद ना जाने कितने करोड़ों रुपए सोनिया गांधी जी ने नरेंद्र मोदी जी को बदनाम और अपमानित करने के लिए दिए| चोरी-चोरी, चुपके-चुपके रात के अंधेरे में ये सभी षड्यंत्रकारी संजीव भट्ट, तीस्ता सीतलवाड़, श्रीकुमार अहमद पटेल के घर पर मिले। उसके बाद कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं से मिले, सिर्फ इसलिए ताकि वो गुजरात की सरकार को गिरा सकें और नरेंद्र मोदी की छवि को खराब कर सकें|
आरोपों का चुनाव कनेक्शन
इस मामले में अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल ने कहा कि गुजरात चुनाव से पहले तो ये होना ही था। इस मामले को 20 साल हो गए। मेरे पिता जिंदा थे तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। चुनाव की वजह से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। पिछले 1.5 साल से मेरे पिता को बदनाम किया जा रहा है। हर चुनाव से पहले कुछ न कुछ मुद्दा उछाला जाता है।
भाजपा मरे हुए लोगों को भी नहीं छोड़ती
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस भाजपा के आरोपों का सिरे से खंडन करती है। 2002 में सांप्रदायिक नरसंहार रोकने के लिए नरेंद्र मोदी ने जिस तरह की अनिच्छा दिखाई थी उसकी वजह से ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने उन्हें राजधर्म की याद दिलाई थी। प्रधानमंत्री की राजनीतिक बदले की मशीन उन मरे हुए लोगों को नहीं छोड़ती है, जो उनके विरोधी थे। SIT अपने आका के इशारे पर नाच रही है, जहां कहा जाएगा वहीं बैठ जाएगी।
24 जून, 2022 को SC ने खारिज की थी पीएम मोदी को SIT की क्लीन चिट को चुनौती देने वाली जकिया जाफरी की याचिका
24 जून, 2022 को24 जून, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा, जिसमे राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी गई थी| 2002 के गुजरात दंगों के मामले में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी सहित 64 लोगों को एसआईटी की क्लीन चिट को चुनौती देने वाली जकिया जाफरी की याचिका को SC ने खारिज कर दिया|
2002 के गुजरात दंगों के दौरान गुलबर्ग हाउसिंग सोसाइटी हत्याकांड में मारे गए कांग्रेस विधायक एहसान जाफ़री की विधवा जाकिया जाफ़री ने एसआईटी रिपोर्ट को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें गोधरा हत्याकांड के बाद सांप्रदायिक दंगों को भड़काने के लिए उच्च राज्य के अधिकारियों द्वारा किसी भी "बड़ी साजिश" से इनकार किया गया था।
SC ने SIT द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ जकिया जाफरी की विरोध याचिका खारिज करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा| सुप्रीम कोर्ट ने कहा,''जाकिया की अपील में कोई दम नहीं और खारिज करने योग्य है|
फर्जी दस्तावेज बनाकर साजिश रचने का आरोप
SC द्वारा याचिका खारिज होने के बाद अगुजरात ATS ने तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ भी फर्जी दस्तावेज बनाकर साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शनिवार 25 जून, 2022 को तीस्ता सीतलवाड़ को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है| गुजरात दंगों के मामले में पूर्व IPS संजीव भट्ट पहले से जेल में हैं| तत्कालीन गुजरात DGP श्रीकुमार भी जेल में हैं