मुख्य सामग्री पर जाएँ
26 अगस्त 2026

योगी सरकार को लगा झटका, SC ने डॉ कफील खान की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका की खारिज, इलाहाबाद HC के फैसले को दी थी चुनौती

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने डॉ कफील खान को बड़ी राहत देते हुए यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है| दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने योगी स…

योगी सरकार को लगा झटका, SC ने डॉ कफील खान की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका की खारिज, इलाहाबाद HC के फैसले को दी थी चुनौती
योगी सरकार को लगा झटका, SC ने डॉ कफील खान की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका की खारिज, इलाहाबाद HC के फैसले को दी थी चुनौती | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने डॉ कफील खान को बड़ी राहत देते हुए यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है| दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रदेश सरकार ने डॉ. कफील खान के खिलाफ एनएसए की धाराएं हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का विरोध किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को कफील खान के लिए राहत माना जा रहा है।




सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत डॉ. कफील खान को रिहा करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्य की खंडपीठ ने कहा कि अदालत को इलाहाबाद के फैसले पर हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता।




सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डॉ कफील खान ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था और उन्हें न्याय मिला है| डॉक्टर कफील खान ने ट्वीट किया,,''सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका जो मेरे रासुका के तहत मेरे हिरासत को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी उसको ख़ारिज कर दिया| मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा था मुझे न्याय मिला|  आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया / धन्यवाद / Thank you . अल्हमदुलिल्लाह जय हिंद जय भारत...




गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत डॉ. कफील खान की हिरासत खत्म करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी आपराधिक मामलों को प्रभावित नहीं करेगी। अब डॉक्टर कफील खान के खिलाफ दर्ज मामले का निपटारा मेरिट के आधार पर ही होगा। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक सितंबर को डॉ. कफील को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था।



इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आदेश सुनाते हुए कहा था कि एनएसए के तहत डॉ. कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि बढ़ाना गैरकानूनी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद 2 सितंबर को डॉ. कफील खान को मथुरा जेल से रिहा कर दिया था। हालांकि, उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है।




tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 17 दिसंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।