नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने डॉ कफील खान को बड़ी राहत देते हुए यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है| दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रदेश सरकार ने डॉ. कफील खान के खिलाफ एनएसए की धाराएं हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का विरोध किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को कफील खान के लिए राहत माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत डॉ. कफील खान को रिहा करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्य की खंडपीठ ने कहा कि अदालत को इलाहाबाद के फैसले पर हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डॉ कफील खान ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था और उन्हें न्याय मिला है| डॉक्टर कफील खान ने ट्वीट किया,,''सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका जो मेरे रासुका के तहत मेरे हिरासत को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी उसको ख़ारिज कर दिया| मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा था मुझे न्याय मिला| आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया / धन्यवाद / Thank you . अल्हमदुलिल्लाह जय हिंद जय भारत...
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत डॉ. कफील खान की हिरासत खत्म करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी आपराधिक मामलों को प्रभावित नहीं करेगी। अब डॉक्टर कफील खान के खिलाफ दर्ज मामले का निपटारा मेरिट के आधार पर ही होगा। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक सितंबर को डॉ. कफील को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आदेश सुनाते हुए कहा था कि एनएसए के तहत डॉ. कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि बढ़ाना गैरकानूनी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद 2 सितंबर को डॉ. कफील खान को मथुरा जेल से रिहा कर दिया था। हालांकि, उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है।