नई दिल्ली: Maharashtra political turmoil: महाराष्ट्र विधानसभा में कल फ्लोर टेस्ट होगा।सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा में एमवीए सरकार के लिए गुरुवार के फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया| सुप्रीम कोर्ट ने कल महाराष्ट्र विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट के खिलाफ याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा है कि कल फ्लोर टेस्ट कराया जा सकता है। कोर्ट इसपर रोक नहीं लगा रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु की याचिका पर नोटिस जारी किया और कहा कि कल का शक्ति परीक्षण वर्तमान याचिका के परिणाम के अधीन होगा। कोर्ट उनकी याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई करेगा।
महाराष्ट्र राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार रात को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की |मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल ने कल यानी 30 जून को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया। शिवसेना इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची , जहां आज यानी बुधवार को फ्लोर टेस्ट पर वकीलों ने 3 घंटे से अधिक दलीलें पेश कीं।
सभी पक्षों की ओर से दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि फ्लोर टेस्ट गुरुवार को ही होगा| सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले को सही ठहराया और शक्ति परीक्षण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन फ्लोर टेस्ट को लेकर कुछ शर्तें भी लगाई हैं| सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कल फ्लोर टेस्ट का नतीजा 11 जुलाई की सुनवाई के अधीन होगा|
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा,''सुप्रीम कोर्ट में हमने बात रखी थी। कल के फ्लोर टेस्ट को स्थगित न करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि कल फ्लोर टेस्ट होगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बयानबाजी करना ठीक नहीं|
गौरतलब है कि,''महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच फ्लोर टेस्ट के फैसले के खिलाफ शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी| इस याचिका पर बुधवार शाम को करीब 3.30 घंटे सुनवाई हुई| शिवसेना की तरफ से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए। वहीं,बागी नेता एकनाथ शिंदे और शिंदे गुट की तरफ से एडवोकेट नीरज किशन कौल और एडवोकेट मनिंदर सिंह कौल ने पैरवी की। राज्यपाल की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें रखीं।
शिवसेना की तरफ से सिंघवी ने फ्लोर टेस्ट पर आपत्ति जताते हुए दलील दी कि 16 बागी विधायकों को 21 जून को ही अयोग्य घोषित किया जा चुका है। ऐसे में इनके वोट से बहुमत का फैसला नहीं किया जा सकता। सिंघवी ने मांग की है कि या तो बहुमत का फैसला स्पीकर को करने दें या फिर फ्लोर टेस्ट टाल दें।
बागी नेता एकनाथ शिंदे की तरफ से एडवोकेट नीरज किशन कौल ने कहा कि,'' महाराष्ट्र में उद्धव सरकार अल्पमत में है। ऐसे में हॉर्स ट्रेडिंग रोकने के लिए फ्लोर टेस्ट कराना ही सबसे बेहतर विकल्प है। इसे टाला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने, कहा कि ,''शिंदे के साथ गए विधायकों ने शिवसेना नहीं छोड़ी है। बहुमत उनके साथ है, इसलिए वही असली शिवसेना हैं। शिवसेना (उद्धव) के पास केवल 16 विधायक हैं। हमारे पास 39 विधायक हैं।
शिवसेना की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने कहा कि, राज्यपाल देवदूत नहीं हैं, वे इंसान हैं और इसलिए हमारे पास एसआर बोम्मई और रामेश्वर प्रसाद जैसे आदि मामलों में सुप्रीम कोर्ट के पहले के फै??ले हैं| वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेकमनु सिंघवी ने कहा कि ये कहना गलत होगा की गवर्नर पॉलिटिकल नहीं हो सकता| इन्हीं गवर्नर ने सालों तक 12 सदस्यों को नॉमिनेट नहीं होने दिया. गवर्नर के ऑफिस को भी देखा जाना जरूरी है| गवर्नर ने किसी भी विधायक से बात तक नहीं की\ गवर्नर ने मुख्यमंत्री से बात तक नहीं की और एकतरफा फैसला ले लिया|