नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा से 12 भाजपा विधायकों के एक साल के निलंबन को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया। पीठासीन अधिकारी के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने के आरोप में विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये निलंबन असंवैधानिक और मनमाना है| कोर्ट ने फैसले में कहा कि ये निलंबन जुलाई 21 में चल रहे मानसून सत्र के लिए ही हो सकता था|
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को मैराथन सुनवाई के बाद BJP विधायकों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था| सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि महाराष्ट्र विधानसभा द्वारा विधायकों का एक साल का निलंबन सही है या नहीं| शीर्ष न्यायालय ने आज अपना फैसला सुनाया|
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि,''विधायिका सचिवालय (राज्य के) को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की प्रति प्राप्त होने के बाद, वह इसकी जांच करेगा और अध्यक्ष अंतिम निर्णय लेंगे। यह सिर्फ महाराष्ट्र का नहीं बल्कि संसद का, देश भर की विधानसभाओं का सवाल है|
निलंबित किए गए BJP विधायक
निलंबित किए गए 12 भाजपा विधायकों में आशीष शेलार, गिरिश महाजन, अभिमन्यु पवार, अतुल भातखलकर, नारायण कुचे, संजय कुटे, पराग अलवणी, राम सातपुते, हरीश पिंपले, जयकुमार रावल, योगेश सागर और कीर्ति कुमार बागडिया के नाम शामिल हैं.