मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

SC/ST व पिछड़े वर्गों के लोगों को व्यवस्था से बाहर करने और आरक्षण को घटाने का इसे केंद्र का घृणित प्रयास क्यों न माना जाए: सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी व डायरेक्टर पद पर लेटरल एंट्री पर तेजस्वी ने उठाए सवाल

पटना/नई दिल्ली: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की उस लैटरल एंट्री स्कीम पर सवाल उठाए हैं, जिसके तहत भारत सरकार की नौकरियों में सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी या…

SC/ST व पिछड़े वर्गों के लोगों को व्यवस्था से बाहर करने और आरक्षण को घटाने का इसे केंद्र का घृणित प्रयास क्यों न माना जाए: सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी व डायरेक्टर पद पर लेटरल एंट्री पर तेजस्वी ने उठाए सवाल
SC/ST व पिछड़े वर्गों के लोगों को व्यवस्था से बाहर करने और आरक्षण को घटाने का इसे केंद्र का घृणित प्रयास क्यों न माना जाए: सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी व डायरेक्टर पद पर लेटरल एंट्री पर तेजस्वी ने उठाए सवाल | फ़ोटो: TVL News

पटना/नई दिल्ली: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की उस लैटरल एंट्री स्कीम पर सवाल उठाए हैं, जिसके तहत भारत सरकार की नौकरियों में सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी या डायरेक्टर पद पर संविदा के तहत बहाली होनी है| तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा,''केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त सचिव व निदेशक के पद पर लैटरल एंट्री के द्वारा ख़ास विचारधारा के अपने चुनिंदा लोगों की भर्ती करना एक असंवैधानिक कदम है। अगर अभ्यर्थी सचमुच योग्य हैं तो UPSC परीक्षा की कसौटी पर उन्हें परखने में क्या आपत्ति है..? 



वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से RJD नेता ने पूछा "आपको यह बताना चाहिए कि क्या यूपीएससी की चयन प्रक्रिया 'राष्ट्र निर्माण' के लिए 'इच्छुक, प्रेरित और प्रतिभाशाली' उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करने में विफल हो रही है या चुनिंदा लोग ज्यादा हैं? क्या यह वंचित वर्गों के लिए दिए गए आरक्षण को दरकिनार और कम करने की एक और चाल नहीं है? आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार!"




RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,' केंद्र की जेडीयू-बीजेपी एनडीए सरकार द्वारा संयुक्त सचिव व निदेशक के पद पर लैटरल एंट्री के द्वारा अपने चुनिंदा लोगों की भर्ती करना एक असंवैधानिक कदम है। एक ओर लाखों युवा UPSC परीक्षा पास करने के लिए सालों तक अपना दिन रात झोंककर मेहनत करते हैं तो दूसरी ओर ऐसे युवाओं की मेहनत और परीक्षा की कठिन प्रक्रिया को धता बताते हुए उन्हीं की सरकार पिछले दरवाजे से सत्ता के करीबी लोगों को सिस्टम का हिस्सा बना रही है!



तेजस्वी यादव ने कहा,''अगर लैटरल एंट्री के द्वारा संयुक्त सचिव या निदेशक बनाए जाने वाले अभ्यर्थी सचमुच योग्य हैं तो UPSC की परीक्षा की कसौटी पर उन्हें परखने में क्या आपत्ति है? सरकार ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में ऐसे अभ्यर्थियों को 'योग्य, तत्पर और राष्ट्र निर्माण को इच्छुक नागरिक' बताया है तो क्या ये अभ्यर्थी 'राष्ट्र सेवा' के लिए एक परीक्षा की तैयारी नहीं कर सकते?



तेजस्वी यादव ने कहा,क्या सामान्य प्रक्रिया से उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों की तत्परता, योग्यता या राष्ट्र निर्माण करने की इच्छा या लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया को लेकर सरकार को शंका है..?अगर सरकार के लिए ऐसे निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों की प्रतिभागिता सचमुच अपरिहार्य है तो क्या सारी योग्यता निजी क्षेत्र के लोगों में ही है..? 



उन्होंने कहा,''अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्गों के लोगों को व्यवस्था से शनै शनै बाहर करने और आरक्षण को घटाने का इसे केंद्र सरकार का घृणित प्रयास क्यों नहीं माना जाए...? निजी क्षेत्रों में कार्यरत नागरिकों के अनुभव का लाभ सरकार कई रूपों में ले सकती है! UID अथवा आधार इसका बेहतरीन उदाहरण है पर तय प्रक्रिया को अलग थलग कर उन्हें सीधे प्रशासन का सरकार द्वारा हिस्सा बना लेना गलत दिशा में उठाया हुआ एक अहंकारी कदम है, युवाओं के साथ अन्याय है, वंचित वर्गों के उत्थान को एक नए रूप में सीमित करने का हथकंडा है!



उन्होंने कहा,''UPSC की परीक्षा प्रक्रिया के द्वारा बने प्रशासन के अधिकारी राष्ट्र के प्रति समर्पित और नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होते हैं, पर लैटरल एंट्री के द्वारा व्यवस्था का हिस्सा बने लोग सरकार और सत्तारूढ़ दल के प्रति आभारी और उत्तरदायी होंगे! ना उन्हें संविधान की समझ होगी और ना उसके अवधारणा की!




तेजस्वी यादव ने कहा,''पूरी आशंका है कि सत्तारूढ़ दल अपनी विचारधारा और पार्टी के हित व प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने के इच्छुक लोगों को ही इसके द्वारा चयनित करेगी। इस प्रक्रिया से आए लोग सरकार की निरंकुशता को अनुचित स्तर तक पहुँचा देंगे।




बता दे कि,''केंद्र सरकार ने वित्त, वाणिज्य, कृषि, कानून, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क-परिवहन, जल शक्ति, स्किल डेवलपमेंट, उपभोक्ता मामलों समेत कुल 13 मंत्रालयों के लिए ऐसी भर्ती का विज्ञापन निकाला है. इसके लिए 6 फरवरी से 22 मार्च तक आवेदन किए जाएंगे|




कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डी ओ पी टी),भारत सरकार से प्राप्त मांगपत्र के अनुसार प्रतिभाशाली एवं आत्मप्रेरित भा???तीय नागरिक जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर पर संविदा आधार पर तथा सरकार के निम्नलिखित विभागों / मंत्रालयों में निदेशक स्तर पर संविदा आधार पर सरकार ज्वाइन करके राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के इच्छुक हैं, को आमंत्रित किया जा रहा है|




  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय
  • आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय
  • कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • विधि एवं न्याय मंत्रालय
  • स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय
  • उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय
  • उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
  • जल शक्ति मंत्रालय
  • नागर विमानन मंत्रालय
  • कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय




विस्तृत विज्ञापन तथा उम्मीदवारों के लिए अनुदेश, आयोग की वेबसाइट पर 06 फरवरी, 2021 को अपलोड किया जाएगा । इच्छुक उम्मीदवार 06 फरवरी, 2021 से 22 मार्च, 2021 तक आवेदन कर सकते हैं ।उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन में उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर साक्षात्कार के लिए शार्टलिस्ट किया जाएगा । उन्हें अनिवार्यत: यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा दी गई सूचना सही है ।






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 6 फ़रवरी 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।