नई दिल्ली: किसान आंदोलन के मुद्दे पर सचिन तेंदुलकर के ट्वीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने उनको (सचिन तेंदुलकर) को सलाह दी|राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को कहा कि मेरी सचिन तेंदुलकर को सलाह है कि दूसरे क्षेत्र के विषयों पर ट्वीट करते हुए सतर्कता बरतें|
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि,''उनके (भारतीय हस्तियों) द्वारा उठाए गए स्टैंड पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैं सचिन (तेंदुलकर) को सलाह दूंगा कि किसी अन्य क्षेत्र के बारे में बोलते समय सावधानी बरतें|
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि,''यदि पीएम, रक्षा मंत्री और नितिन गडकरी जैसे सरकार के वरिष्ठ नेता आगे आते हैं और उनके साथ (आंदोलनकारी किसानों) बातचीत करते है, तो एक समाधान निकल सकता है। अगर वरिष्ठ नेता पहल करते हैं, तो किसान नेताओं को भी उनके साथ बैठना होगा|
वार के अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को आंदोलनरत किसानों के समर्थन में ट्वीट करने वाली विदेशी हस्तियों पर पलटवार के लिए चलाए गए अपने अभियान में लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर को नहीं उतारना चाहिए था|ऐसे में इन हस्तियों को भी सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा|
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी गायिका रिहाना और अन्य हस्तियों का नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करना भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने जैसा था, तो डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा भी परेशानी भरा था| राज ठाकरे ने कहा, ‘‘केंद्र को लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर को उसके रुख के समर्थन में ट्वीट करने के लिए नहीं कहना चाहिए था और उनकी प्रतिष्ठा को दांव पर नहीं लगाना चाहिए था| अब उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रॉलिंग का सामना करना पड़ेगा|’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपने अभियान के लिए अक्षय कुमार जैसे अभिनेताओं का उपयोग तक ही सीमित रखना चाहिए|
ठाकरे ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान मोदी की ह्यूस्टन रैली को हवाला देते हुए कहा, ‘‘ इस आधार पर, अमेरिका में ‘अगली बार, ट्रंप सरकार’ जैसी रैली करने की कोई आवश्यकता नहीं थी|यह उस देश का आंतरिक मामला था| उन्होंने यह भी कहा कि किसान जिन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उनमें कुछ कमियां हो सकती हैं, जिन्हें दूर किया जाना चाहिए|