नई दिल्ली : टेरर फंडिंग केस: टेरर फंडिंग केस (Terror Funding Case) में दिल्ली की एनआईए कोर्ट (Delhi's NIA Court) ने यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई| दिल्ली की एनआईए कोर्ट ने आतंकी फंडिंग के मामले में दोषी करार जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यासीन मलिक को दो मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और 5 मामलों में 10-10साल की सजा दी गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और अधिकतम सजा उम्रकैद की है। इस तरह ताउम्र यासीन मलिक को जेल काटनी होगी। अब यासीन मलिक को दिल्ली की NIA कोर्ट से तिहाड़ जेल ले जाया जाएगा।
एडवोकेट उमेश शर्मा ने बताया,''इनको 2 उम्रकैद की सज़ा सुनाई है और 10-10 साल की 5 सजाएं हैं। कोर्ट ने जुमार्ना भी लगाया है अगर जुमार्ना नहीं देते हैं तो उसके बदले सज़ा मिलेगी। यह हाईकोर्ट में सिर्फ सज़ा के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं, निर्णय के ख़िलाफ़ नहीं|
कोर्ट ने यासीन को 19 मई को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत सभी आरोपों का दोषी ठहराया था। वहीँ,कश्मीर घाटी में यासीन मलिक के घर के बाहर भारी संख्या में समर्थक जुटे हैं, जोकि यासीन के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। इलाके में सुरक्षा व्यव्स्था काफी सख्त है। ड्रोन से नजर रखी जा रही है।