नई दिल्ली: भारत-चीन विवाद पर सेना प्रमुख जनरल एम.एम.नरवणे ने कहा,''आंशिक रूप से डिसइंगेजमेंट हुई है लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है| एम.एम.नरवणे ने कहा,'कोर कमांडर स्तर की 14वीं वार्ता चल रही है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम इसमें प्रगति देखेंगे। हालांकि आंशिक रूप से डिसइंगेजमेंट हुई है लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है|
भारत और चीन के बीच बुधवार को चल रही 14वें दौर की सैन्य वार्ता के बीच सेना प्रमुख जनरल एम.एम.नरवणे ने आज एक प्रेस वार्ता की। सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले साल जनवरी से, हमारी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सकारात्मक विकास हुआ है। उत्तरी सीमाओं पर, हमने एक ही समय में बातचीत के माध्यम से उच्चतम स्तर की परिचालन तैयारियों को बनाए रखना जारी रखा है।
सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने कहा,;हमने पूर्वी लद्दाख समेत पूरे नॉर्दर्न फ्रंट में फोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, हथियारों की क्षमता बढ़ाई है। नॉर्दर्न फ्रंट में पिछले डेढ़ साल में हमारी क्षमता कई तरह से बढ़ी है|
पश्चिमी मोर्चे पर आतंकवादियों की संख्या में वृद्धि: सेना प्रमुख
पश्चिमी मोर्चे पर विभिन्न लॉन्च पैड में आतंकवादियों की संख्या में वृद्धि हुई है और बार-बार नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ के प्रयास किए गए हैं। यह एक बार फिर हमारे पश्चिमी पड़ोसी के नापाक मंसूबों को उजागर करता है|
बता दें कि, आज सुबह चुशुल-मोल्दो मीटिंग प्वाइंट पर कोर कमांडर स्तर की वार्ता का 14वां दौर शुरू हुआ। भारतीय पक्ष का नेतृत्व फायर एंड फ्यूरी कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता कर रहे हैं। भारत और चीन के बीच आज होने वाली मिलिट्री कमांडर्स मीटिंग में पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी के सभी बाकी बचे विवादित इलाकों पर बातचीत चल रही है| मीटिंग से दो दिन पहले सोमवार को भारत के सुरक्षा-प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि "बचे हुए विवादित क्षेत्रों को हल करने के लिए भारत रचनात्मक बातचीत की उम्मीद कर रहा है|
आज दोनों देशों के 'सीनियर हायेस्ट मिलिट्री कमांडर' स्तर की बातचीत पूर्वी लद्दाख के चुशुल-मोल्डो मीटिंग-प्वॉइंट पर चीनी इलाके में सुबह 09.30 बजे हुई है| करीब तीन महीने बाद दोनों देशों के बीच ये मीटिंग होने रही है| आखिरी मीटिंग पिछले साल अक्टूबर के महीने में हुई थी|
पिछले 20 महीनों से पूर्वी लद्दाख से सटी लाइन ऑफ कंट्रोल यानि एलएसी पर भारत और चीन के बीच विवाद चल रहा है| पिछले तीन दौर की मीटिंग (यानि 11वीं, 12वीं और 13वीं) में फिंगर एरिया, कैलाश हिल रेंज और गोगरा में तो डिसइंगेजमेंट हो गया है, लेकिन हॉट स्प्रिंग, डेमचोक और डेपसांग प्लेन में अभा भी दोनों देशों के सैनिकों में फेसऑफ की स्थिति बनी हुई|