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25 अगस्त 2026

किसानों के हित में है ये कृषि कानून, बातचीत से निकलेगा समाधान : 'जब तक कानून हटेगा नहीं तब तक किसान हटेंगे नहीं' पर राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: 'दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 35वां दिन है।शीतलहर और घटता तापमान भी किसानों का हौसला नहीं तोड़ सका है। किसानों का कहना है कि ये कृषि का…

किसानों के हित में है ये कृषि कानून, बातचीत से निकलेगा समाधान : 'जब तक कानून हटेगा नहीं तब तक किसान हटेंगे नहीं' पर राजनाथ सिंह
किसानों के हित में है ये कृषि कानून, बातचीत से निकलेगा समाधान : 'जब तक कानून हटेगा नहीं तब तक किसान हटेंगे नहीं' पर राजनाथ सिंह | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: 'दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 35वां दिन है।शीतलहर और घटता तापमान भी किसानों का हौसला नहीं तोड़ सका है। किसानों का कहना है कि ये कृषि कानून हमें बर्बाद कर देंगे| 'किसानों का कहना है कि जब तक कानून हटेगा नहीं तब तक हम हटेंगे नहीं'|



किसानों के विरोध प्रदर्शन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,'' कृषि संबंधी ये जो तीन कानून बने हैं ये किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही बनाएंगे हैं। पिछले सरकारों की तुलना में हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य काफी बढ़ाई हैं। इस तीनों कानूनों के माध्यम से हमने पूरी कोशिश की है कि किसानों की आमदनी दो-तीन गुना बढ़े|



किसानों का कहना है कि जब तक कानून हटेगा नहीं तब तक हम हटेंगे नहीं' पर रक्षा मंत्री ने कहा कि,''बातचीत हो रही है,मुझे विश्वास है इसका समाधान निकलेगा।मैं किसानों से विनती करता हूं मैंने इस कानूनों को देखा है,मैं भी कृषि मंत्री रह चुका हूं इसलिए मैं कहता हूं कि ये कानून किसानों के हित में है|




राजनाथ सिंह ने कहा कि,'' ककिसान कम से कम 2 साल इस कानून को उपयोग करके देखे कि ये कानून कितना उपयोगी है फिर अगर आपको लगता है कि कानून में संशोधन करने की जरूरत है तो हमारी सरकार संशोधन करने के लिए तैयार है और आज भी किसान बातचीत करे, उन्हें लगता है कि इसमें संशोधन की आवश्यकता है तो हम तैयार हैं|



 किसानों को नक्सल' 'खालिस्तानी और माओवादी' कहे जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया| उन्होंने कहा कि,''ये आरोप किसानों पर किसी के द्वारा नहीं लगाए जाने चाहिए। हम उनके प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त करते हैं। हमारे किसानों के सम्मान में सिर झुकते हैं। वे हमारे अन्नदाता हैं|



राजनाथ सिंह ने कहा कि,''किसानों के प्रति असंवेदनशील होने का कोई सवाल ही नहीं है। सरकार प्रदर्शन कर रहे किसानों की पीड़ा को समझ रही है|हमारे किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और मैं केवल एक ही पीड़ित नहीं हूं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पीड़ित हैं|




उन्होंने कहा कि,'कुछ ताकतों ने किसानों के बीच कुछ गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की है। हमने कई किसानों से भी बात की है। किसानों से मेरा केवल यही अनुरोध है कि क्लॉज-वार चर्चा की जानी चाहिए और  हां ’या 'नहीं’ का जवाब तलाशना नहीं चाहिए। हम समाधान निकलेंगे|उन्होंने कहा कि, हमारे सिख भाइयों ने हमेशा भारत की संस्कृति की रक्षा की है। देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके योगदान को याद किया जाएगा। उनकी ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं है|




 ''एमएसपी कानून पर राजनाथ सिंह ने कहा कि,'सरकार ने बार-बार कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी रहेगा। अगर नेता लोकतंत्र में वादों को पूरा नहीं करते हैं तो लोग उन्हें दंडित करेंगे। हम किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं| राजनाथ ने कहा राहुल गांधी मुझसे छोटे हैं और मैं उनसे ज्यादा कृषि के बारे में जानता हूं। क्योंकि मेरा जन्म किसान-माता के गर्भ से हुआ है। हम किसानों के खिलाफ फैसले नहीं ले सकते|



कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयान पर राजनाथ सिंह ने कहा कि,''मैं किसी भी देश के प्रधान मंत्री के बारे में कहना चाहूंगा कि भारत के आंतरिक मामलों के बारे में टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। भारत को किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। यह हमारा आंतरिक मामला है। किसी भी देश को हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है|



बता दें कि जस्टिन ट्रूडो ने पिछले महीने किसान आंदोलन को लेकर चिंता जताई थी|गुरुनानक जयंती पर एक कनेडियन सांसद की ओर से आयोजित किए गए एक फेसबुक वीडियो इंटरैक्शन में उन्होंने कहा था कि 'कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ खड़ा रहेगा|






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यह रिपोर्ट 30 दिसंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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