नई दिल्ली: टूलकिट केस ( Toolkit conspiracy) में 21 वर्षीय क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद अब सोमवार को दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट्स निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ पुलिस ने गैर-जमानती अरेस्ट वारंट जारी किया है| दिल्ली पुलिस ने बताया कि,''टूलकिट मामले में शामिल निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है|
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के खिलाफ एक्टिविस्ट्स निकिता जैकब ने बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांजिट बेल अर्जी दायर की गई। निकिता जैकब द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट के खिलाफ ट्रांजिट बेल अर्जी दायर की गई | बॉम्बे हाईकोर्ट इस मामले में कल यानि मंगलवार को सुनवाई करेगी|
टूलकिट केस ( Toolkit conspiracy) में 21 वर्षीय क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित 'टूलकिट' फैलाने में उसकी कथित भूमिका के लिए बेंगलुरु से गिरफ़्तार किया गया था| दिल्ली पुलिस साइबर सेल ने टूलकिट मामले में शनिवार को यह पहली गिरफ्तारी की थी| दिशा की गिरफ्तारी के बाद अब सोमवार को दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट्स निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ पुलिस ने अरेस्ट वारंट जारी किया है|
दिल्ली पुलिस ने बताया कि,''टूलकिट मामले में शामिल निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है| टूलकिट केस ( Toolkit conspiracy)पर दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि,'' काव्य न्याय फाउंडेशन के संस्थापक धालीवाल ने अपने सहयोगी पुनीत के जरिए निकिता जैकब से संपर्क किया। इनका मोटिव गणतंत्र दिवस से पहले 'टि्वटर स्टॉर्म' पैदा करना था। गणतंत्र दिवस से पहले एक ज़ूम बैठक हुई जिसमें धालीवाल, निकिता, दिशा और अन्य ने भाग लिया|
दिल्ली पुलिस ने बताया कि,'चार दिन पहले स्पेशल सेल की टीम निकिता जैकब के घर गई थी। उसके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वे उससे पूछताछ करने के लिए फिर से जाएंगे लेकिन वह उपलब्ध नहीं है| पुलिस दोनों की तलाश कर रही है और लोकेशन मिलते ही इन्हें गिरफ्तार करेगी।
जानकारी है कि शांतनु महाराष्ट्र के बीड का रहने वाला है और दिशा और निकिता का करीबी है| आरोप है कि शांतनु ने भी टूल किट में कुछ चीजें जोड़ी और उन्हें आगे सर्कुलेट किया| उसके घर भी स्पेशल सेल की टीम ने छापेमारी की लेकिन अभी वो फरार है| सेल ने उसके माता-पिता से भी बातचीत की है और शांतनु के बारे में जानकारी जुटाई है|
''इसके पहले शनिवार को 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था और रविवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था|
पुलिस ने दिशा रवि के खिलाफ एक खालिस्तानी संगठन- पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन -के सहयोग के साथ देश में भारत सरकार के खिलाफ असंतोष फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है| उनके खिलाफ देशद्रोह और साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं| दिशा ने कोर्ट में कहा है कि उन्होंने टूलकिट नहीं बनाया है और किसानों का समर्थन करना चाहती थीं| उन्होंने बताया है कि 3 फरवरी को उन्होंने इस किट में दो लाइनें एडिट की थीं|
दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिशा रवि 'टूलकिट Google Doc' की एडिटर है और दस्तावेजों को तैयार करने और उनका प्रसार करने की मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस ने बताया कि दिशा ने टूलकिट दस्तावेज बनाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किया था और लोगों से जुड़ी थी। पुलिस ने बताया कि इस प्रक्रिया में ये सभी लोग भारत के खिलाफ गलत जानकारियां फैलाने के लिए खालिस्तान समर्थक 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' से जुड़े। दिशा रवि ने ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट दस्तावेज साझा किए थे। पुलिस ने बताया कि,''बाद में, उसने (दिशा रवि) ने ग्रेटा को मुख्य डॉक हटाने के लिए कहा, इसके बाद Accidentally से सार्वजनिक डोमेन में आ गया। यह 2 लाइनों के एडिट से कई गुना अधिक है जिसका वह (दिशा रवि) दावा करती है|
दिशा ने अपने बचाव में बोला था कि 'मैंने दो लाइन एडिट किया था| मैंने किसानों के सपोर्ट में किया था, जो अन्नदाता हैं|उनके आंदोलन से मैं प्रभावित थी| वो मुझे खाना और पानी देते हैं|' कोर्ट ने दिशा को 5 दिन की पुलिस रिमांड भेज दिया है| पुलिस ने कहा कि इस मामले में शांतनु और निकिता को और गिरफ्तार करना है| दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने रवि दिशा को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी। इसके बाद अदालत ने पांच दिन के लिए दिशा को पुलिस हिरासत में भेज दिया।