नई दिल्ली: जी न्यूज़ के एंकर के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने कहा, ‘‘ 8 जुलाई 2022 आरोपी व्यक्ति के खिलाफ शिकायतें और प्राथमिकियाँ दर्ज की गई थीं। जिन राज्यों में प्राथमिकियाँ दर्ज की गई थी, उन्हें अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया गया है और अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। वे न तो वहाँ उपस्थित थे और न ही उन्हें उपस्थित होने की आवश्यकता थी।
इस प्रकार ऐसे आदेश को कानूनी भाषा में 'एकपक्षीय आदेश' के रूप में जाना जाता है, जो संबंधित राज्यों को जवाब दाखिल करने और अगली तारीख पर उपस्थित होने का पूरा अवसर देता है। आज प्रस्तुत नहीं किए गए कई तथ्य भी सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में लाए जाएंगे।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, ‘‘इस पर भी गौर किया जाना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय ने न तो जांच पर रोक लगाई है और न ही उस पर कोई टिप्पणी की है। इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि फर्जी और विभाजनकारी प्रचार सामग्री के प्रसार में संलग्न भाजपा नेताओं के विरुद्ध शिकायत में कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया है।
जयराम रमेश ने कहा, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए, यह परिस्थितियाँ घृणा और फर्जी खबरों के सभी पैरोकारों के खिलाफ कानून का आह्वान करने और कानून के तहत अनुमत अंतिम सीमा तक मामले को ले जाने के हमारे संकल्प को और सुदृढ़ करती हैं।
गौरतलब है कि,''टीवी न्यूज़ एंकर रोहित रंजन को सुप्रीम कोर्ट (SC) ने राहत दी है। राहुल गांधी के बयान को ग़लत तरीके से पेश करने के मामले में टीवी न्यूज एंकर रोहित रंजन को गिरफ्तारी से सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल छूट दी है| कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वीडियो को ग़लत संदर्भ में चलाने के लिए उनके खिलाफ दर्ज़ कई प्राथमिकी के संबंध में संबंधित अधिकारियों को उनके खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया गया है।