Budget 2022: केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्द्रीय बजट 2022-23 पेश किया| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा बजट पेश कर दिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि,''आज़ादी के अमृत महोत्सव के इस कालखंड का यह अमृत बजट है, आज का बजट आम आदमी की आकांक्षाओं के अनुरूप है। ये बजट सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र पर आधारित है, इसमें सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है|
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि,''ये बहुत समावेशी बजट है, ये बजट गरीबों, गांव, पूर्वोत्तर के लिए है। इस बजट में वित्तीय क्षेत्र में काफी रिफॉर्म लाए गए हैं। जिस तरह से अर्थव्यवस्था में रिकवरी हुई है, उस तरह से ये बहुत अच्छा बजट है|
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि,सेवा, कृषि और चिकित्सा के क्षेत्र हमारी प्राचीन अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इन्हें नए सिरे से इस बजट में परिभाषित किया गया है। आने वाली नई चुनौतियों के लिए इस बजट में समाधान दिया गया है|
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च, स्टार्टअप को महत्व देते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ और निर्यात बढ़ाने को सोचकर नीतियां बनाई गई हैं। मुझे खुशी है कि नए राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से रोजगार और नए भारत का निर्माण होगा|
FICCI के अध्यक्ष संजीव मेहता ने कहा कि,''व्यापार के नज़रिए से दो चीज़े कंसिस्टेंसी ऑफ पॉलिसी और कंसिस्टेंसी ऑफ टैक्स रेट महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए मैं वित्त मंत्री का धन्यवाद करूंगा कि उन्होंने इसमें ज़्यादा बदलाव नहीं किए। नए ट???क्स भी लागू नहीं किए गए:
नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने कहा कि,'ये बहुत ही प्रगतिशील बजट है, ये पिछले साल के बजट की निरंतरता में है। इस बजट से भारत की लंबे समय तक ग्रोथ होगी, इसकी खासियत ये है कि ये पूंजीगत व्यय पर फोकस करता है। पिछले साल 5.54 लाख करोड़ दिए गए थे इसे बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ कर दिया गया है| इस बजट ने शहरीकरण और MSME पर बहुत फोकस किया है, MSME की क्रेडिट गारंटी स्कीम को 4.5 लाख करोड़ से बढ़ाकर 5 लाख करोड़ कर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र पर बहुत फोकस किया गया है|
केंद्रीय मंत्री जी.किशन रेड्डी ने कहा कि,ये प्रगतिशील बजट है, हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और भविष्य में देश के विकास पर ध्यान दे रही है। इस बजट में पूर्वोत्तर, पर्यटन और संस्कृति के लिए अच्छा आवंटन किया गया है|
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि.''बजट में 60 लाख नौकरियां देने और 80 लाख पक्के मकान बनाने का आश्वासन दिया गया है, ये बजट सभी वर्गों को न्याय और देश के विकास को गति देने वाला है। ये गतिमान बजट है, सबको इस बजट का समर्थन करना चाहिए|
केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि,''वैश्विक तंगी और आर्थिक तंगी के बीच में आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाने वाला बजट पेश किया गया है। बजट में सभी के हितों का ध्यान रखा गया है|
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि,''बजट 2022-23 गरीब कल्याण बजट है। यह बजट एक साल के विकास के एजेंडे वाला बजट नहीं है बल्कि देश के अगले 25 साल की बुनियाद रखने वाला ब्लूप्रिंट है। बजट का आकार बढ़ाकर 39.45 लाख करोड़ करना कोरोना काल में भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है| अगले 5 साल में MSMEs को लगभग 6,000 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गरीबों के लिए अतिरिक्त 80 लाख घर बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 48,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नॉर्थ-ईस्ट के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है|
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि,' मैं प्रधानमंत्री जी को बधाई देता हूं, ये बजट समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित भारत के निर्माण का बजट है। अधोसंरचना विकास के लिए 35% से अधिक राशि बजट में बढ़ाई गई है इससे अधोसंरचना विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे|
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,'आत्मनिर्भर भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने वाले बजट का हम स्वागत करते हैं। समाज के प्रत्येक तबके किसानों, युवाओं, महिलाओं के लिए एक प्रगतिशील बजट प्रस्तुत करने के लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं| MSP और किसानों की आय को दो गुना करने के लक्ष्य को ये बजट पूरा करेगी। भारत के युवाओं को 60 लाख नौकरियां मिलेगी जिससे उन्हें आगे बढ़ने में सहायता होगी| इस बजट में महिला सशक्तिकरण और उनके उन्नयन के लिए मिशन शक्ति के साथ-साथ अनेक कार्यक्रम प्रारंभ करने का प्रावधान है। राज्यों को 50 वर्षों तक बिना ब्याज के ऋण की सुविधा देने का प्रावधान व वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है|
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,''इस साल का बजट सिर्फ अमीरों का बजट है, इसमें गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। पहले उन्होंने जो चीजें कही थीं, उसे दुबारा दोहराया है। उन्होंने कॉरपोरेट टैक्स घटाया, ये अमीरों का बजट है|
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि,बजट में बेरोज़गारी, कृषि क्षेत्र के बारे में कुछ नहीं है। बजट में है क्या? आम नागरिक को बजट में कौनसी राहत दी गई है। बड़े-बड़े उद्योगपतियों को इससे लाभ होगा|
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि,''सरकार को कोरोना काल के बाद एक ऐसा बजट पेश करना चाहिए था, जहां मध्यम वर्ग, छोटे दुकानदार, छोटे व्यवसाय की मदद के लिए संसाधन और पैसा उपलब्ध कराती। इस बजट के द्वारा महंगाई और बेरोज़गारी को कम करने के लिए ठोस कदम नहीं दिए गए हैं|
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि,''यह दिशाहीन बजट है। सब लोग सोच रहे थे कि किसान, मज़दूरों को कुछ मिलेगा लेकिन कुछ नहीं है। बजट में किसानो की आय को दोगुनी करने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। बजट में नौजवानों और बेरोज़गारों के लिए कुछ नहीं है:
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम बजट को ‘पेगासस स्पिन बजट’ करार दिया| उन्होंने कहा कि इसमें देश के आम लोगों के लिए कुछ नहीं है| ममता ने ट्वीट किया कि बेरोजगारी और महंगाई से पिस रहे आम लोगों के लिए बजट में कुछ नहीं है. बड़ी-बड़ी बाते हैं और हकीकत में कुछ नहीं है| ‘पेगासस स्पिन बजट’ है|
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि,''बजट का कुछ न कुछ फायदा होता है लेकिन जितना दिखाया जाता है उतना फायदा नहीं होता, दिखाते ज़्यादा हैं और मिलता कम है। हमने कहा MSP गारंटी क़ानून बना दें, इस क़ानून से कम क़ीमत में फसलों की ख़रीद बंद होगी| अभी व्यापारियों को इसका फायदा हो रहा है जो कम क़ीमत में फसलों को ख़रीदकर MSP में महंगे क़ीमत में बेचती है
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री और पीएम मोदी ने वेतनभोगी और मध्यम वर्ग के लिए कोई राहत की घोषणा नहीं करके उन्हें निराश किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि इस बजट में कुछ नहीं है। गरीब की जेब खाली, कुछ नहीं। नौकरीपेशा की जेब खाली, कुछ नहीं। मध्यम वर्ग की जेब खाली, कुछ नहीं। किसान की जेब खाली, कुछ नहीं। युवाओं की आशा टूटी, कुछ नहीं। खपत बढ़ाने के लिए, कुछ नहीं। छोटे उद्योग को बढ़ावा, कुछ नहीं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को संसद में पेश आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने कहा कि करों की मार से कराह रही जनता को नए वादों से लुभाने का प्रयास बजट में किया गया है जबकि बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी महंगाई और किसानों की आत्महत्या जैसी गंभीर चिन्ताओं पर रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए गए है।
मायावती ने कहा कि ,'' संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट नए वादों के साथ जनता को लुभाने के लिए लाया गया है, जबकि गतवर्षों के वादों व पुरानी घोषणाओं आदि के अमल को भुला दिया गया है, यह कितना उचित। केन्द्र बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई व किसानों की आत्महत्या जैसी गंभीर चिन्ताओं से मुक्त क्यों?
मायावती ने कहा कि ,'केन्द्र सरकार द्वारा अपनी पीठ आप थपथपा लेने से अभी तक देश की बात नहीं बन पा रही है। करों की मार लोगों का जीना दुभर किए हुए है। इसीलिए केन्द्र का भरसक प्रयास खासकर बेरोजगारी व असुरक्षा आदि के कारण लोगों में छाई तंगी, मायूसी व हताशा को कम करने की हो तो बेहतर।