नई दिल्ली:केंद्रीय कैबिनेट ने सिविल सर्विसेज में व्यापक सुधार के लिए कर्मयोगी योजना(Mission Karmayogi) को मंजूरी दी। कर्मयोगी योजना से सिविल सेवा के अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। यह मिशन National Programme for civil services capacity building (NPCSCB) के तहत चलाया जायेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ,केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और सचिव सी चंद्रमौली ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर ये जानकारी दी|
केंद्रीय कैबिनेट ने इस दौरान तीन प्रमुख एमओयू को भी मंजूरी दी। टेक्सटाइल मंत्रालय और जापान, माइनिंग मिनिस्ट्री और फिनलैंड तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा डेनमार्क के बीच एमओयू को सरकार ने मंजूरी दी है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ,''भर्ती होने के बाद विभिन्न कर्मचारी, अधिकारी की क्षमता का लगातार वर्धन कैसे हो, इसके लिए क्षमता वर्धन का एक कार्यक्रम चलेगा। इसका नाम 'कर्मयोगी योजना' है और 21वीं सदी का सरकार के मानव संसाधन के सुधार का एक बहुत बड़ा सुधार कहलाएगा|
प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ,भर्ती होने के बाद विभिन्न कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए लगातार कार्यक्रम चलेगा जिसका नाम 'कर्मयोगी योजना' है| केंद्रीय मंत्री ने कहा,जम्मू-कश्मीर के लिए राजभाषा विधेयक 2020 लाने का फैसला हुआ है। इसमें उर्दू, कश्मीरी, डोगरी, हिन्दी और अंग्रेजी आधिकारिक भाषा रहेंगी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ,तीन महत्वपूर्ण समझौते हुए पहला जापान के साथ वस्त्र मंत्रालय का, खनन मंत्रालय का फिनलैंड के साथ और नवीन ऊर्जा मंत्रालय का डेनमार्क के साथ
सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सी चंद्रमौली ने बताया कि ,'एक सिविल सेवक को समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए कल्पनाशील और इनोवेटिव, सक्रिय और विनम्र, पेशेवर और प्रगतिशील, ऊर्जावान और सक्षम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम, रचनात्मक और सृजनात्मक होना चाहिए| Mission Karmayogi सिविल सेवक की न केवल व्यक्तिगत कैपेसिटी बिल्डिंग पर बल्कि इंस्टिट्युशनल कैपेसिटी बिल्डिंग और प्रक्रिया पर भी केंद्रित है|