नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे और उसके साथियों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना विस्तृत जवाब दाखिल किया| अपने जवाब में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि "मुठभेड़" सही थीं और इन्हें फर्जी नहीं कहा जा सकता।
याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा सुनवाई की जाएगी, जिसका नेतृत्व सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश करेंगे। अदालत वकीलों घनश्याम उपाध्याय और अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
मालूम हो कि,''कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी विकास दुबे को एसटीएफ ने कानपुर के सचेंडी थाना इलाके में शुक्रवार यानी 10 जुलाई की सुबह मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था | पुलिस ने कहा था कि विकास दुबे को जिस गाड़ी में लाया जा रहा था उसका एक्सीडेंट हो गया और गाड़ी पलट गई| विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की थी| पुलिस ने उसको चारों तरफ से घेरकर आत्मसमर्पण कराने की कोशिश की, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई| घायल विकास दुबे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था|
3 जुलाई को बकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह अभियुक्त एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। 11 अभियुक्तों की तलाश जारी है।उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा था,''कानपुर एनकाउंटर मामले में कुल 21 आरोपी हैं जिसमें से 4 को गिरफ्तार किया गया और विकास दुबे सहित 6 आरोपी अलग-अलग घटनाओं में पुलिस द्वारा कार्यवाही के दौरान मारे गए|