नई दिल्ली: बीजेपी लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर अपनी ही सरकार से हमला बोला है| हजारों करोड़ों रुपये का घोटाला कर विदेश भाग चुके लोगों पर सरकार की सुस्त कार्रवाई को लेकर उन्होंने निशाना साधा है| उन्होंने कहा कि 7 वर्षों में सरकार इनसे पर्याप्त वसूली भी नही कर पाई है| इसका का बोझ आम हिंदुस्तानी अपने कंधों पर ढो रहा है| बता दें कि वरुण गांधी लगातार विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहूल चोकसी और ऋषि अग्रवाल का नाम लेते हुए केंद्र की मोदी सरकार को घेरते रहे हैं|
बीजेपी लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि,''67 हजार करोड़ की चोरी कर देश छोड़ चुके धनपशुओं से विगत 7 वर्षों में मात्र एक चौथाई धन वसूली कतई पर्याप्त नही है। देश के ‘आर्थिक शत्रुओं’ पर इस ‘रहमदिली’ का बोझ आम हिंदुस्तानी अपने कंधों पर ढो रहा है, जब बचत खाते की ब्याज दरें आज ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर हैं।
अखबार की इस खबर को ट्वीटर पर साझा करते हुए सांसद ने लिखा कि देश के ‘आर्थिक शत्रुओं’ पर इस ‘रहमदिली’ का बोझ आम हिंदुस्तानी अपने कंधों पर ढो रहा है। जब बचत खाते की ब्याज दरें आज ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर हैं। सांसद द्वारा किए गए ट्वीट पर लाेग रिट्वीट कर रहे है। सांसद वरुण गांधी इससे पहले भी सरकार को असहज करने वाले सवाल ट्वीट के जरिए उठाते रहे हैं।
पिछले दिनों उन्होंने हजारों करोड़ की चोरी करने वालों को आसानी से जमानत मिल जाने और उनके ऐशो आराम की जिंदगी जीने तथा कुछ हजार रुपये का कर्ज न चुका पाने वाले आम लोगों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई किए जाने की बात कही थी। इसके अलावा एक लाख लोगों के गिरवी रखे सोने की नीलामी, सरकार की प्रस्तावित निजीकरण की नीति, घटती नौकरियां, बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी वह ट्वीट कर सवाल उठा चुके है।
गौरतलब है कि हाल ही में गुजरात में बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है | एबीजी शिपयार्ड और उनके निदेशकों ने 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया है| एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ऋषि अग्रवाल का नाम 22,842 करोड़ रुपये के कर्ज घोटाले से जुड़ रहा है|
वरुण गांधी ने विजय माल्या, नीरव मोदी और ऋषि अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये लोग अपनी जिंदगी खुशहाली से जी रहे हैं| लेकिन आम लोगों को संकटों का सामना करना पड़ रहा है|
वरुण गांधी ने ट्वीटर पर लिखा था कि,''
विजय माल्या: 9000 करोड़
नीरव मोदी: 14000
करोड़ ऋषि अग्रवाल: 23000 'करोड़
वरुण गांधी ने कहा,'आज जब कर्ज के बोझ तले दब कर देश में रोज लगभग 14 लोग आत्महत्या कर रहे हैं, तब ऐसे धन पशुओं का जीवन वैभव के चरम पर है। इस महा भ्रष्ट व्यवस्था पर एक ‘मजबूत सरकार’ से ‘मजबूत कार्यवाही’ की अपेक्षा की जाती है।
वरुण गांधी ने कहा था कि,''अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखते वक्त पुरुष का आत्मसम्मान भी गिरवी हो जाता है। किसी भी हिंदुस्तानी का जेवर या मकान गिरवी रखना अंतिम विकल्प होता है। महामारी और मंहगाई की दोहरी मार झेल रहे आम भारतीयों को यह असंवेदनशीलता अंदर तक तोड़ देगी। क्या यही नए भारत के निर्माण की परिकल्पना है?
वरुण गांधी ने कहा था कि,''देश का किसान या छोटा दुकानदार हजारों रुपए का भी क़र्ज़ न चुका पाए तो उनकी कुर्की होगी या उन्हे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन हजारों करोड़ की चोरी करने वालों को आसानी से जमानत मिल जाती है और ये लोग मनमानी कीमत पर लेन-देन कर फिर से अपने वैभवशाली जीवन में लौट जाते हैं।