नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश में कोविड-19 की स्थिति पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की| समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा,''बीते 2 वर्षों में कोरोना को लेकर ये हमारी 24वीं बैठक है, कोरोना काल में जिस तरह केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया है और जिन्होंने कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है मैं सभी कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा करता हूं|
कोरोना स्थिति पर समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा,'स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती अभी पूरी तरह टली नहीं है ओमिक्रोन और उसके सब वैरिएंट्स किस तरह गम्भीर परिस्थिति पैदा कर सकते हैं,ये यूरोप के देशों में हम देख सकते हैं। पिछले कुछ महीने में इन वैरिएंट्स से मामले बढ़े हैं हम भारत में कई देशों की तुलना में हालात पर नियंत्रण रखा है|
पिछले 2 हफ्तों से मामले जो बढ़ रहे है उससे हमें अलर्ट रहना है। 2 साल के भीतर में देश ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ऑक्सीजन सप्लाई तक कोरोना से जुड़े हर पक्ष में जो आवश्यक है उसे देने का काम किया है। तीसरी लहर में स्थितियां अनियंत्रित होने की खबर नहीं आई| आज भारत के 96% वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है और 15 साल के ऊपर बच्चों को करीब 85% लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। मार्च में हमने 12-14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण शुरु कर दिया था। कल 6-12 वर्ष के बच्चों के लिए भी को-वैक्सीन टीके की अनुमति मिल गई है| देश में सभी वयस्कों के लिए प्रीकॉशन डोज भी उपलब्ध है।
तीसरी लहर के दौरान हमने हर दिन 3 लाख से अधिक केस देखे। हमारे सभी राज्यों ने इन्हें हैंडल भी किया और बाकी सभी सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों को भी गति दी| हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ नेशनल और ग्लोबल स्थिति को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। संक्रमण को शुरुआत में ही रोकना हमारी प्राथमिकता पहले भी थी, आज भी यही रहना चाहिए। टेस्ट,ट्रैक, ट्रीट की हमारी स्ट्रैटेजी को भी हमें उतने ही प्रभावी तौर पर लागू करना है|
इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड का काम तेजी से चलता रहे, ये सुनिश्चित करना चाहिए। बिस्तर, वेंटिलेटर और पीएसए ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाओं के लिए हम काफी बेहतर स्थिति में हैं लेकिन ये सुविधाएं कार्यांवित रहे, हमें ये भी सुनिश्चित करना होगा| आज कोरोना की जो स्थिति है उसमें ये जरूरी है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों में जो हमारे गम्भीर इन्फ्लूएंजा के केस हैं, उनका शत प्रतिशत RT-PCR टेस्ट हो| संक्रमण को शुरुआत में ही रोकना हमारी प्राथमिकता पहले भी थी, आज भी यही रहना चाहिए
पेट्रोल डीजल की कीमतों पर VAT घटाए राज्य':PM
पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यों से तेल की कीमतों में कटौती करने का अनुरोध किया है| कोरोना पर मुख्यमंत्रियों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने 'कॉपरेटिव फेडरलिज्म' की भावना के तहत के तहत राज्यों से वैल्यू ऐडड टैक्स (वैट) घटाने की अपील की है|
प्रधानमंत्री ने कहा,''जो युद्ध की परिस्थिति पैदा हुई है, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। ये वैश्विक संकट अनेक चुनौतियां लेकर आ रहा है। ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को और बढ़ाना अनिवार्य हो गया है|
उन्होंने कहा,''पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पिछले नवंबर में कमी की थी। राज्यों से भी आग्रह किया गया था कि वो अपने यहां टैक्स कम करें। कुछ राज्यों ने तो अपने यहां टैक्स कम कर दिया, लेकिन कुछ राज्यों ने अपने लोगों को इसका लाभ नहीं दिया गया| महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना,आंध्र प्रदेश,केरल, झारखंड, तमिलनाडु ने किसी न किसी कारण से केंद्र सरकार की बातों को नहीं माना और उन राज्य के नागरिकों पर बोझ पड़ता रहा। मेरी प्रार्थना है कि नंवबर में जो करना था, अब वैट कम करके आप नागरिकों को इसका लाभ पहुंचाएं|
अस्पतालों का सेफ्टी ऑडिट कराएं, सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करें:PM
प्रधानमंत्री ने कहा,देश में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और समय से पहले बहुत गर्मी बढ़ रही है और ऐसे समय में हम अलग-अलग स्थानों पर आग की बढ़ती हुई घटनाएं भी देख रहे हैं। जंगलों में, महत्वपूर्ण इमारतों में, अस्पतालों में आग की गई घटनाएं बीते कुछ दिनों में हुई हैं। हम सबको याद है वो दिन कितने पीड़ादायक थे, जब पिछले साल कई हॉस्पिटलों में आग लगी और वो बड़ी दर्दनाक स्थिति थी। बहुत मुश्किली समय था वो। अनेकों लोगों को इन हादसों में अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
इसलिए मेरा सभी राज्यों से आग्रह है कि अभी से हम विशेषकर हॉस्पिटलों का सेफ्टी ऑडिट करवाएं, सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करें और प्राथमिकता के आधार पर करें। ऐसी घटनाओं से हम बच सकें, ऐसी घटनाएं कम से कम हों, हमारा Response Time भी कम से कम हो, जान-माल की हानि ना हो, इसके लिए भी मैं आपको आग्रह करुंगा कि आप अपनी टीम को विशेष रूप से इस काम पर लगाइये और बिल्कुल मॉनिटरिंग कीजिए ताकि देश में कहीं हादसा न हो। हमारे निर्दोष नागरिकों को जान न गवानी पड़े।