नई दिल्ली: कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा,"विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा...शान न इसकी जाने पाए, चाहे जान भले ही जाए"| कानपुर के श्याम लाल गुप्त 'पार्षद' ने 1924 में जब यह गीत लिखा तो महात्मा गांधी जी और नेहरू जी समेत पूरे भारत का प्रिय गीत बन गया। हमारा तिरंगा आजादी की लड़ाई का प्रतीक था, जिसे सीने से लगाकर लाखों भारतीयों ने कुर्बानी दी।
प्रियंका गांधी ने कहा,"1947 में आज ही के दिन संविधान सभा की बैठक में तिरंगे को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया था। हमारा तिरंगा शक्ति, साहस, शांति और उन्नति का प्रतीक है।
'हालांकि, उस समय भी आरएसएस-भाजपा के लोगों ने इसे 'अशुभ' बताते हुए इसका विरोध किया था। ये लोग आज भी कभी तिरंगे के बारे में अपमानजनक बातें कहते हैं तो कभी तिरंगा बनाने के लिए खादी की जगह चीनी पॉलिएस्टर को मंजूरी देते हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा,'आइए, हम संकल्प लें कि हम अपने तिरंगे झंडे की आन, बान, शान के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
जय हिंद!