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26 अगस्त 2026

कबाड़ से बनाती हैं 'स्ट्रचर और मूर्तियां', कहा- एक स्ट्रचर बनाने में 20 दिन लग जाते हैं

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली वंशिका राठौर कम उम्र की मशहूर कलाकार हैं और कबाड़ से स्ट्रचर और मूर्तियां बनाती हैं। कलाकार वंशिका राठौर ने कहा,''ये स्क्रैब मेटल वर्क आर्ट है। इसे तार और अ…

कबाड़ से बनाती हैं 'स्ट्रचर और मूर्तियां', कहा- एक स्ट्रचर बनाने में 20 दिन लग जाते हैं
कबाड़ से बनाती हैं 'स्ट्रचर और मूर्तियां', कहा- एक स्ट्रचर बनाने में 20 दिन लग जाते हैं | फ़ोटो: TVL News

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली वंशिका राठौर कम उम्र की मशहूर कलाकार हैं और कबाड़ से स्ट्रचर और मूर्तियां बनाती हैं। कलाकार वंशिका राठौर ने कहा,''ये स्क्रैब मेटल वर्क आर्ट है। इसे तार और अन्य खराब चीजें मिला कर बनाया जाता है। अब तक मैंने 70 स्ट्रचर बनाए हैं। विभिन्न सरकारी वेबसाइट के लिए भी मैंने काम किया है। एक स्ट्रचर बनाने में 20 दिन लग जाते हैं|



वंशिका राठौर ने कहा कि उन्हें बचपन से ही कला का शौक था ।वहां स्कूल में पढ़ने के दौरान भी पेंटिंग बनाया करती थी। इस दौरान उन्होंने कई बार पेंटिंग को लेकर फर्स्ट प्राइज जीते हैं। वंशिका के द्वारा 14 साल की उम्र में सबसे पहली बनाई गई। पेंटिंग एग्जीबिशन रानी दुर्गावती संग्रहालय में लगाई थी जिसे काफी सराहना मिली।



वंशिका का कहना है कि उनकी पेंटिंग्स और कला में काफी दिलचस्पी थी जिसके बाद उन्होंने स्कल्पचर आर्ट में करियर बनाने के लिए पढ़ाई शुरू की ।इसके बाद उन्हें अब तक मध्य प्रदेश में 100 से ज्यादा प्रतियोगिता में चित्रकला पर पुरस्कार मिल चुके हैं। वहीं नामी साहित्यकारों की रचनाओं के कवर पेज पर तैयार करने का मौका भी मिला है।



दरअसल वंशिका राठौर का कहना है कि 2020 में लॉकडाउन के समय सब कुछ बंद हो गया था। ऐसे में समय को काटने के लिए घर में सफाई की जिसमें उन्हें एल्यूमिनियम लोहा व अन्य कबाड़ मिला। इसके बाद उनके मन में स्कल्पचर बनाने का विचार आया। वहीं एमपीईबी मुख्यालय शक्ति भवन में अधिकारी के तौर पर तैनात वंशिका के पापा ने उन्हें कबाड़ से कुछ बनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने बेहद खूबसूरत जिराफ का स्ट्रक्चर बनाया जिसे अधिकारियों ने काफी पसंद किया।






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